Bihar Politics: लालू के गढ़ में नीतीश का ‘मनोवैज्ञानिक प्रहार’, सारण से RJD के सफाए का संदेश लेकर समृद्धि यात्रा पर CM

 


सारण (छपरा)।
बिहार की राजनीति में सारण जिला हमेशा से खास महत्व रखता रहा है। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के राजनीतिक प्रभाव का केंद्र माने जाने वाले इस क्षेत्र में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सक्रियता को केवल एक प्रशासनिक दौरा नहीं, बल्कि एक सोची-समझी राजनीतिक और मनोवैज्ञानिक रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी 16वीं ‘समृद्धि यात्रा’ की शुरुआत सारण से कर एक बड़ा राजनीतिक संदेश देने की तैयारी में हैं।

सारण: लालू के किले को भेदने की रणनीति

नीतीश कुमार के लिए सारण केवल एक जिला नहीं, बल्कि राजनीतिक प्रतीक रहा है। उनकी रणनीति हमेशा यह रही है कि यदि लालू यादव को उनके प्रभाव वाले क्षेत्र में चुनौती दी जाए और वहां पराजित किया जाए, तो इसका संदेश पूरे बिहार में जाएगा। यही कारण है कि हर बड़े राजनीतिक या विकासात्मक अभियान में सारण को विशेष प्राथमिकता दी जाती रही है।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, नीतीश कुमार का यह कदम राजद के मनोबल पर सीधा मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की कोशिश है।

हालिया चुनावों में RJD को झटका

सारण की जनता ने पिछले दो चुनावों में राजद को स्पष्ट संदेश दिया है—

लोकसभा चुनाव 2024

लोकसभा चुनाव 2024 में एनडीए उम्मीदवार राजीव प्रताप रूडी ने लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य को हराकर बड़ा राजनीतिक उलटफेर किया। इसे लालू परिवार के लिए प्रतीकात्मक हार माना गया।

विधानसभा चुनाव 2025

2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में सारण की 10 सीटों में से—

  • 7 सीटों पर एनडीए ने जीत दर्ज की

    • 5 सीटें भाजपा

    • 2 सीटें जदयू

  • राजद को केवल 3 सीटों पर संतोष करना पड़ा

यह परिणाम 2020 के चुनावों से बिल्कुल उलट थे, जब राजद और महागठबंधन का दबदबा था।

2020 बनाम 2025: बदला सियासी गणित

वर्ष 2020 विधानसभा चुनाव

  • राजद: 6 सीटें

  • सीपीएम: 1 सीट (मांझी)

  • भाजपा: 3 सीटें

  • जदयू: 0 सीट

वर्ष 2025 विधानसभा चुनाव

  • एनडीए: 7 सीटें

  • राजद: 3 सीटें

यह आंकड़े स्पष्ट रूप से दिखाते हैं कि सारण में राजनीतिक ध्रुवीकरण एनडीए के पक्ष में हुआ है, जिसे नीतीश कुमार और अधिक मजबूत करना चाहते हैं।

विकास के जरिए राजनीतिक संदेश

नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा केवल राजनीति तक सीमित नहीं है। मुख्यमंत्री इस दौरान कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने वाले हैं, जिनमें—

  • जीविका दीदियों द्वारा संचालित अस्पताल का उद्घाटन

  • सिलाई प्रशिक्षण केंद्र की शुरुआत

  • आईटीआई (ITI) केंद्र का उद्घाटन

इसके अलावा, रेलवे से जुड़े औद्योगिक विकास को भी सारण में गति देने की योजना है। जहां लालू यादव के प्रयासों से मढ़ौरा में इंजन कारखाना स्थापित हुआ, वहीं सारण के बेला क्षेत्र में रेल चक्का निर्माण इकाई पहले से कार्यरत है।

क्यों खास है नीतीश की समृद्धि यात्रा?

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि—

  • यह यात्रा RJD के सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव को चुनौती देने की रणनीति है

  • विकास योजनाओं के जरिए जनता का भरोसा मजबूत करने का प्रयास

  • 2026 के राजनीतिक समीकरणों की जमीन तैयार करने की कवायद

सारण से बिहार तक संदेश

नीतीश कुमार का सारण पर फोकस यह संकेत देता है कि वे केवल सत्ता में बने रहने की राजनीति नहीं, बल्कि विपक्ष के सबसे मजबूत गढ़ को कमजोर करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। यदि सारण पूरी तरह एनडीए के पाले में आता है, तो इसका असर पूरे बिहार की राजनीति पर पड़ना तय है।

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