पटना।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा का पहला चरण हो या दूसरा, हर मंच से उनके भाषणों में एक बात समान रही— ‘आधी आबादी’ यानी महिलाओं का विकास। पश्चिम चंपारण से लेकर दूसरे चरण की अंतिम यात्रा तक महिला सशक्तिकरण मुख्यमंत्री के एजेंडे का केंद्र बना रहा।
समृद्धि यात्रा के दूसरे चरण की समाप्ति के बाद पटना लौटते ही नीतीश कुमार ने कैबिनेट बैठक में महिलाओं को लेकर एक बड़ा और निर्णायक फैसला लेकर सबको चौंका दिया।
क्या है नीतीश कुमार की बड़ी घोषणा?
गुरुवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ के तहत चयनित लाभार्थी महिलाओं को 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त वित्तीय सहायता देने के प्रस्ताव पर अंतिम मुहर लग गई।
👉 यह राशि उन महिलाओं को दी जाएगी—
- जिन्होंने पहले दी गई 10 हजार रुपये की सहायता राशि का सही उपयोग किया
- और उसे लाभकारी स्वरोजगार या व्यवसाय में बदला
सरकार की योजना के अनुसार,
- सामान्यतः यह राशि दो चरणों में दी जाएगी
- लेकिन यदि कोई महिला बेहतर प्रदर्शन करती है और एकमुश्त राशि की मांग करती है, तो उचित जांच के बाद एक बार में 2 लाख रुपये भी दिए जा सकते हैं
‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ बना नीतीश का ड्रीम प्रोजेक्ट
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना को नीतीश कुमार का ड्रीम प्रोजेक्ट माना जा रहा है। इसका सीधा उद्देश्य राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।
बता दें कि 2025 विधानसभा चुनाव से पहले सरकार ने प्रत्येक परिवार की एक महिला को 10 हजार रुपये की सहायता राशि दी थी।
इस योजना के तहत—
- करीब 1 करोड़ 56 लाख महिलाओं के खातों में सीधे पैसा भेजा गया
- अब उन्हीं महिलाओं को उद्यमी बनाने के लिए 2 लाख रुपये की सहायता का रास्ता साफ कर दिया गया है
विपक्ष पर सीधा प्रहार, सियासी बहस तेज
2025 विधानसभा चुनाव में एनडीए की शानदार जीत के बाद विपक्षी दलों ने इस योजना को लेकर सवाल खड़े किए थे।
- राजद और कांग्रेस नेताओं ने कहा था कि 10 हजार देकर चुनाव जीत लिया, अब 2 लाख कौन देगा?
- चुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर ने तो यहां तक कह दिया था कि अगर सरकार 1.5 करोड़ महिलाओं को 2-2 लाख रुपये दे दे, तो वे राजनीति छोड़ देंगे
अब कैबिनेट के फैसले के बाद विपक्ष की बोलती बंद मानी जा रही है।
अब बड़ा सवाल: क्या राजनीति छोड़ेंगे प्रशांत किशोर?
नीतीश कुमार द्वारा महिला रोजगार योजना के तहत 2 लाख रुपये की घोषणा के बाद राजनीतिक गलियारों में एक ही सवाल गूंज रहा है—
👉 क्या प्रशांत किशोर अपने बयान पर कायम रहते हुए राजनीति छोड़ेंगे?
या फिर
👉 यह बयान भी बाकी चुनावी बयानों की तरह इतिहास बनकर रह जाएगा?
