पटना। बिहार विधानमंडल का आगामी बजट सत्र 2 फरवरी से शुरू होने जा रहा है, जिसे लेकर तैयारियां तेज़ कर दी गई हैं। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें सत्र के दौरान सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन, चिकित्सा सुविधा, स्वच्छता और पार्किंग जैसी बुनियादी व्यवस्थाओं को पूरी तरह दुरुस्त रखने के सख्त निर्देश दिए गए।
विधानसभा अध्यक्ष ने बैठक में बताया कि इस बार का बजट सत्र काफी विस्तृत होगा और इसमें कुल 19 बैठकें प्रस्तावित हैं। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि सत्र के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो।
सत्र की सुचारू कार्यवाही के लिए सर्वदलीय बैठक
बजट सत्र की कार्यवाही को शांतिपूर्ण और बाधारहित ढंग से संचालित करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण सर्वदलीय बैठक भी बुलाई गई। इसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष के प्रमुख नेताओं ने भाग लिया।
मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि बैठक का उद्देश्य सदन में अनावश्यक उत्तेजना को कम करना और स्वस्थ व सकारात्मक चर्चा को बढ़ावा देना है।
विपक्ष ने दिया सहयोग का आश्वासन, रखी शर्त
बैठक के बाद महागठबंधन के नेताओं ने कहा कि विपक्ष सदन की कार्यवाही में पूरा सहयोग करेगा, बशर्ते सरकार जनहित से जुड़े सवालों का स्पष्ट और तथ्यात्मक जवाब दे।
सीपीआई (एमएल) के नेता अरुण सिंह ने कहा कि यह बैठक एक पुरानी संसदीय परंपरा का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष की भूमिका सवाल उठाने की होती है और यदि सरकार संतोषजनक जवाब नहीं देती, तो विपक्ष को मजबूरन कड़ा रुख अपनाना पड़ता है।
बैठक सकारात्मक रही: आलोक कुमार मेहता
राजद विधायक आलोक कुमार मेहता ने सर्वदलीय बैठक को सकारात्मक बताया।
UGC के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाई गई रोक से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि यह न्यायालय का विषय है, लेकिन वे न्याय और सकारात्मक संसदीय चर्चा के पक्षधर हैं।
