शराबबंदी पर CM सम्राट चौधरी का बड़ा बयान, बोले- बिहार को मिला लाभ
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👉 WhatsApp से जुड़ेंबिहार शराबबंदी को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ा बयान दिया है। बिहार शराबबंदी को उन्होंने राज्य के सामाजिक बदलाव और महिलाओं के जीवन में आए सुधार से जोड़ते हुए कहा कि इससे जनता को काफी फायदा मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शराबबंदी से सरकार को राजस्व का नुकसान जरूर हुआ, लेकिन बिहार के आर्थिक और सामाजिक विकास में इसका सकारात्मक असर देखने को मिला है।
मुख्यमंत्री रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ के शुभारंभ कार्यक्रम से लोक भवन के माध्यम से जुड़े थे। इस दौरान उन्होंने नशामुक्त समाज बनाने के लिए युवाओं से आगे आने की अपील की।
शराबबंदी से महिलाओं को मिली राहत: CM सम्राट चौधरी
सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में शराबबंदी लागू करने का फैसला महिलाओं की मांग और उनके हितों को ध्यान में रखकर लिया गया था।
उन्होंने कहा कि शराब के कारण पहले कई परिवारों में विवाद और घरेलू समस्याएं बढ़ती थीं। शराबबंदी के बाद महिलाओं को काफी राहत मिली है और उनके जीवन में बदलाव आया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर शराबबंदी का असर साफ दिखाई देता है। हालांकि कुछ लोग चोरी-छिपे शराब का सेवन कर सकते हैं, लेकिन खुले तौर पर शराब पीने की संस्कृति पर रोक लगी है।
उन्होंने कहा कि बिहार के किसी भी क्षेत्र में जाकर देखा जा सकता है कि शराबबंदी ने सामाजिक माहौल को प्रभावित किया है।
राजस्व नुकसान के बावजूद जारी रहेगा अभियान
मुख्यमंत्री ने कहा कि शराब कई राज्यों के लिए बड़े राजस्व का स्रोत है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पश्चिम बंगाल और झारखंड जैसे राज्यों को शराब बिक्री से बड़ी आय प्राप्त होती है।
उन्होंने बताया कि:
- उत्तर प्रदेश में करीब 70 हजार करोड़ रुपये का राजस्व मिलता है।
- दिल्ली में लगभग 40 हजार करोड़ रुपये की आय होती है।
- पश्चिम बंगाल में करीब 50 हजार करोड़ रुपये का राजस्व आता है।
- झारखंड में भी शराब से बड़ी कमाई होती है।
सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार को भी शराब से राजस्व मिल सकता था, लेकिन सरकार ने सामाजिक हित को प्राथमिकता दी।
उन्होंने कहा कि राज्य में आर्थिक विकास के लिए दूसरे क्षेत्रों पर ध्यान दिया गया है।
नशामुक्त युवा ही बनाएंगे विकसित बिहार
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत और समृद्ध बिहार का सपना तभी पूरा हो सकता है, जब युवा नशे से दूर रहेंगे।
उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे नशामुक्ति अभियान में भाग लें और समाज में जागरूकता फैलाएं।
सम्राट चौधरी ने कहा कि युवा देश का भविष्य हैं और उनकी सोच ही आने वाले समय की दिशा तय करेगी।
उन्होंने कहा कि बिहार ने इतिहास में देश को गौरवशाली दौर दिया है और युवाओं की भागीदारी से राज्य फिर से अपनी पुरानी पहचान हासिल कर सकता है।
2016 में शुरू हुई थी पूर्ण शराबबंदी
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में पूर्ण शराबबंदी की शुरुआत साल 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने की थी।
उन्होंने कहा कि उस समय राज्य की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं थी, फिर भी सामाजिक बदलाव के उद्देश्य से यह बड़ा निर्णय लिया गया।
सम्राट चौधरी ने कहा कि करीब 10 साल बाद शराबबंदी बिहार की पहचान का हिस्सा बन चुकी है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि नशामुक्त समाज के लिए अभी और काम करने की जरूरत है।
उन्होंने युवाओं से इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
बिहार में शराबबंदी को लेकर सरकार का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि शराबबंदी का उद्देश्य केवल शराब रोकना नहीं बल्कि परिवारों को मजबूत बनाना और समाज को बेहतर दिशा देना है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं के जीवन में आए बदलाव इस अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक हैं।
सम्राट चौधरी ने यह भी कहा कि बिहार के कुछ लोग शराब के लिए दूसरे राज्यों जैसे देवघर, बनारस और पश्चिम बंगाल की ओर जाते हैं, लेकिन राज्य में सार्वजनिक स्थानों पर शराबबंदी का पालन हो रहा है।
विकास के लिए सामाजिक सुधार जरूरी: CM
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के विकास में सामाजिक सुधारों की बड़ी भूमिका है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने कई क्षेत्रों में काम किया है और आने वाले समय में बिहार को और मजबूत बनाने के प्रयास जारी रहेंगे।
उन्होंने नशामुक्ति को विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव के लिए हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है।
सम्राट चौधरी के अनुसार, नशे से दूर रहने वाला युवा ही परिवार, समाज और राज्य के विकास में बेहतर योगदान दे सकता है।
