
पटना में आयोजित एक मीडिया संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार के विकास का विस्तृत रोडमैप पेश किया। उन्होंने कहा कि बिहार में 5 लाख करोड़ निवेश को जमीन पर उतारने का लक्ष्य तय किया गया है। मुख्यमंत्री के अनुसार बिहार में 5 लाख करोड़ निवेश आने से राज्य में उद्योग, रोजगार और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। उन्होंने केंद्र सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए बिहार को विकसित भारत अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि देश ने पिछले वर्षों में कई ऐतिहासिक फैसले और विकासात्मक उपलब्धियां हासिल की हैं। उनका कहना था कि आने वाले वर्षों में बिहार विकास की नई गति के साथ आगे बढ़ेगा।
भाजपा ने अपने संकल्प पूरे करने का किया दावा
सम्राट चौधरी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने अपने राजनीतिक और वैचारिक संकल्पों को पूरा करने की दिशा में लगातार काम किया है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35ए हटाने को ऐतिहासिक निर्णय बताया। उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का भी उल्लेख किया और कहा कि यह करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा विषय था। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा ने अपने एजेंडे से कभी समझौता नहीं किया, इसलिए जनता का भरोसा लगातार पार्टी के साथ बना हुआ है।
बिहार में 5 लाख करोड़ निवेश का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल तैयार कर रही है। उन्होंने बताया कि बिहार में कई नई औद्योगिक परियोजनाओं पर काम चल रहा है और देश-विदेश के निवेशकों की रुचि भी बढ़ रही है। सरकार ने 20 नवंबर तक 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश को धरातल पर उतारने का लक्ष्य तय किया है। मुख्यमंत्री का मानना है कि यह लक्ष्य हासिल होने पर बिहार देश के प्रमुख औद्योगिक राज्यों की सूची में शामिल हो सकता है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि राज्य में जल्द ही डाटा सेंटर परियोजना पर काम शुरू होगा। इससे आईटी और तकनीकी क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
उद्योगों को 30 दिनों के भीतर मिलेगी मंजूरी
निवेश आकर्षित करने के लिए मुख्यमंत्री ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि उद्योग लगाने के इच्छुक निवेशकों को अब लंबी प्रशासनिक प्रक्रियाओं से नहीं गुजरना पड़ेगा। सरकार ऐसी व्यवस्था तैयार कर रही है जिसके तहत उद्योगों से जुड़े प्रस्तावों को 30 दिनों के भीतर मंजूरी दी जाएगी। इससे कारोबार शुरू करने की प्रक्रिया आसान होगी और निवेशकों का भरोसा मजबूत होगा।
राजगीर और मुंगेर में बनेगा डिफेंस कॉरिडोर
मुख्यमंत्री ने रक्षा क्षेत्र से जुड़ी बड़ी योजना का भी खुलासा किया। उन्होंने कहा कि राजगीर और मुंगेर को डिफेंस कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा। उनका कहना था कि भारत रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और बिहार भी इस परिवर्तन का हिस्सा बनेगा। डिफेंस कॉरिडोर बनने से निवेश बढ़ेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार होंगे।
एयरपोर्ट, हेलीपैड और एयरस्ट्रिप के विस्तार पर जोर
सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार के विभिन्न क्षेत्रों को बेहतर हवाई संपर्क से जोड़ने की दिशा में काम जारी है। उन्होंने बताया कि राजगीर और सासाराम-कैमूर क्षेत्र के बीच नई एयरस्ट्रिप विकसित करने की योजना पर काम शुरू हो चुका है। इसके अलावा जरूरत के अनुसार अन्य जिलों में भी एयरपोर्ट, हेलीपैड और एयरस्ट्रिप विकसित किए जाएंगे। इससे पर्यटन, व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
सड़क, बिजली और सौर ऊर्जा पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि सड़क और बिजली के क्षेत्र में बिहार ने उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण सड़कों के निर्माण और गांवों को जोड़ने के मामले में राज्य लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार इस योजना के जरिए लाखों परिवारों को सौर ऊर्जा से जोड़ा जाएगा, जिससे बिजली बिल कम होगा और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा।
जीएसटी, जनधन और DBT का किया उल्लेख
सम्राट चौधरी ने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद राज्यों की आर्थिक क्षमता मजबूत हुई है। उन्होंने बिहार की बड़ी आबादी को राज्य की ताकत बताया। मुख्यमंत्री ने जनधन योजना और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) को भी केंद्र सरकार की प्रमुख उपलब्धियों में गिना। उन्होंने कहा कि इससे सरकारी सहायता सीधे लाभार्थियों के खातों तक पहुंच रही है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है।
शिक्षकों के वेतन और पेंशन पर दिया भरोसा
राज्य की वित्तीय स्थिति पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि शिक्षकों के वेतन और कर्मचारियों की पेंशन पर किसी प्रकार की रोक नहीं लगेगी। उन्होंने कहा कि वेतन और पेंशन कर्मचारियों का अधिकार है। अधिकारियों को विकास योजनाओं की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन वेतन भुगतान प्रभावित नहीं होगा।
100 करोड़ से बड़ी परियोजनाओं की खुद करेंगे समीक्षा
मुख्यमंत्री ने बताया कि 100 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली सभी प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा वह स्वयं करेंगे। इससे परियोजनाओं में होने वाली देरी की पहचान होगी और काम तेजी से पूरा किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि बिहार तेजी से बदल रहा है और आने वाले वर्षों में राज्य विकास, निवेश और रोजगार के नए रिकॉर्ड स्थापित कर सकता है।