बिहार में मधुबनी शराब तस्करी के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। हालिया कार्रवाई में मधुबनी शराब तस्करी के तहत 168 लीटर नेपाली बीयर जब्त की गई और दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया। इस कार्रवाई से एक बार फिर यह साफ हुआ है कि शराबबंदी के बावजूद तस्करी का नेटवर्क सक्रिय है और पुलिस लगातार इसे तोड़ने की कोशिश कर रही है।
Madhubani जिले के बाबूबरही थाना क्षेत्र में यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तस्करी के नए रूट्स पर भी अब कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
गुप्त सूचना पर त्वरित कार्रवाई
थानाध्यक्ष Rahul Kumar के अनुसार, शुक्रवार देर रात पुलिस को सूचना मिली थी कि एक कार में भारी मात्रा में शराब ले जाई जा रही है।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत रणनीति बनाई और पिरही कमला पूर्वी तटबंध के पास घेराबंदी कर दी। कुछ ही देर में संदिग्ध वाहन वहां पहुंचा, जिसे रोककर तलाशी ली गई।
जांच के दौरान कार की डिक्की से 168 लीटर नेपाली बीयर बरामद हुई, जिसे मौके पर ही जब्त कर लिया गया।
तटबंध पर घेराबंदी से पकड़ा गया नेटवर्क
पुलिस की इस कार्रवाई में पिरही तटबंध अहम साबित हुआ। यह इलाका तस्करी के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले संभावित रूट्स में शामिल माना जा रहा है।
घेराबंदी के कारण तस्करों को भागने का मौका नहीं मिला और पुलिस ने उन्हें मौके पर ही दबोच लिया। कार को भी जब्त कर लिया गया है, जिसका इस्तेमाल तस्करी में किया जा रहा था।
यह कार्रवाई बताती है कि पुलिस अब सिर्फ तस्करों पर ही नहीं, बल्कि उनके पूरे नेटवर्क और रूट्स पर नजर रख रही है।
दो तस्कर गिरफ्तार, पहचान हुई
इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनकी पहचान राम इकबाल मंडल और राजाराम साह के रूप में हुई है, जो लदनिया थाना क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी लंबे समय से इस अवैध धंधे में शामिल हो सकते हैं। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है ताकि तस्करी नेटवर्क के अन्य सदस्यों की जानकारी मिल सके।
मेडिकल जांच के बाद भेजे गए जेल
गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया। इसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है और जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान की जा सकती है।
शराबबंदी के बावजूद सक्रिय तस्करी नेटवर्क
बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू है, लेकिन इसके बावजूद तस्करी का नेटवर्क पूरी तरह खत्म नहीं हो पाया है। सीमावर्ती इलाकों में नेपाल से शराब की तस्करी लगातार सामने आ रही है।
पुलिस और प्रशासन लगातार छापेमारी और निगरानी के जरिए इस पर रोक लगाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, तस्कर नए-नए तरीके और रास्ते अपनाकर कानून को चुनौती दे रहे हैं।
पुलिस की रणनीति और आगे की कार्रवाई
अधिकारियों के अनुसार, अब पुलिस सिर्फ पकड़ने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की रणनीति पर काम कर रही है।
इसके लिए गुप्त सूचना तंत्र को मजबूत किया जा रहा है और सीमावर्ती इलाकों में चौकसी बढ़ाई जा रही है। आने वाले समय में और सख्त कार्रवाई देखने को मिल सकती है।
