बिहार में बिहार पंचायत चुनाव 2026 की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार बिहार पंचायत चुनाव 2026 को लेकर मतदाता सूची के अद्यतन की प्रक्रिया तय समयसीमा के साथ शुरू की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पारदर्शी और सटीक मतदाता सूची तैयार करना चुनाव की निष्पक्षता के लिए जरूरी है।
राज्य के पंचायत, प्रखंड और जिला स्तर पर 4 मई को प्रपत्र-1 का प्रारूप प्रकाशित किया जाएगा। यह सूची Bihar के सभी संबंधित कार्यालयों में उपलब्ध रहेगी, जहां आम नागरिक इसे देख सकेंगे।
4 मई से शुरू होगी दावा-आपत्ति प्रक्रिया
मतदाता सूची के प्रारूप प्रकाशन के साथ ही दावा और आपत्ति की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। यह प्रक्रिया 4 मई से 18 मई तक चलेगी।
इस दौरान नागरिक अपने नाम को जोड़ने, हटाने या उसमें सुधार करने के लिए आवेदन दे सकते हैं। यह चरण बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसी के आधार पर अंतिम मतदाता सूची तैयार होगी।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे समय रहते अपने विवरण की जांच कर लें।
मतदाता सूची में सुधार के कई विकल्प
इस प्रक्रिया में मतदाता सूची से जुड़े कई तरह के सुधार किए जा सकते हैं। इसमें नए मतदाताओं का नाम जोड़ना, मृत या स्थानांतरित लोगों के नाम हटाना शामिल है।
इसके अलावा नाम की वर्तनी, उम्र या अन्य व्यक्तिगत जानकारी में भी सुधार कराया जा सकता है। वार्ड से संबंधित बदलाव के लिए भी आवेदन दिया जा सकता है।
आवेदन ग्राम पंचायत, प्रखंड और जिला निर्वाचन कार्यालय में जमा किए जाएंगे, जहां उनकी जांच की जाएगी।
आपत्तियों का निपटारा और अपील का मौका
दावा और आपत्तियों के निपटारे की प्रक्रिया 22 मई तक पूरी कर ली जाएगी। यदि किसी व्यक्ति को फैसले से संतुष्टि नहीं होती है, तो वह अपील कर सकता है।
अपील करने की अवधि 11 मई से 29 मई तक निर्धारित की गई है। सभी अपीलों का निपटारा तय समयसीमा में किया जाएगा, ताकि चुनाव प्रक्रिया में देरी न हो।
5 जून को अंतिम प्रकाशन, 9 जून को गजट
पूरी प्रक्रिया के बाद 5 जून 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा। इसके बाद 9 जून को जिला गजट में आधिकारिक आंकड़े प्रकाशित होंगे।
यह चरण चुनाव प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है, क्योंकि इसके बाद सूची में बदलाव की गुंजाइश नहीं रहती।
छह पदों के लिए होगा मतदान
बिहार पंचायत चुनाव में कुल छह पदों के लिए मतदान कराया जाएगा। इनमें जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य, मुखिया, सरपंच, वार्ड सदस्य और ग्राम कचहरी के पंच शामिल हैं।
इन सभी पदों के लिए सटीक मतदाता सूची का होना जरूरी है, ताकि चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो सके।
वार्ड विवरण को लेकर विशेष व्यवस्था
जिला पंचायती राज पदाधिकारी Rochna Madri के अनुसार, जहां ग्रामीण क्षेत्र नगर निकाय में शामिल हो चुके हैं, वहां वार्ड और जनसंख्या का विवरण अलग से दिखाया जाएगा।
इससे मतदाताओं को किसी तरह का भ्रम नहीं होगा और वे सही जानकारी के आधार पर अपने अधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे।
प्रशासन की अपील: सूची जरूर जांचें
जिलाधिकारी सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी Taranjot Singh ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अपने क्षेत्र की मतदाता सूची का अवलोकन जरूर करें।
उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रकार की त्रुटि नजर आती है, तो उसे समय रहते सुधार लेना चाहिए। इससे चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहेगी।
