बिहार में CO-RO निलंबन रद्द होने के फैसले के बाद प्रशासनिक कामकाज में तेजी आने की उम्मीद बढ़ गई है। लंबे समय से चल रहे विवाद के बीच CO-RO निलंबन रद्द करते हुए सरकार ने 47 अधिकारियों को बहाल कर दिया है। इसके साथ ही हड़ताल अवधि को सामूहिक अवकाश में बदल दिया गया है, जिससे अब सभी अंचलाधिकारी (CO) और राजस्व अधिकारी (RO) सोमवार से अपने काम पर लौटेंगे।
हड़ताल खत्म, काम पर लौटे अधिकारी
राज्य के अंचलाधिकारी और राजस्व अधिकारी 9 मार्च से सामूहिक अवकाश पर थे। अपनी मांगों को लेकर उन्होंने लंबे समय तक हड़ताल जारी रखी।
विभाग ने कई बार उन्हें काम पर लौटने की अपील की, लेकिन जब बातचीत सफल नहीं हुई, तब 47 अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया। अब बातचीत के बाद समाधान निकल आया है।
कैसे खत्म हुआ विवाद?
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने हड़ताली अधिकारियों के साथ बातचीत की। इस वार्ता में सकारात्मक सहमति बनी।
30 अप्रैल को अधिकारियों ने काम पर लौटने का फैसला लिया। इसके बाद विभाग ने उनकी प्रमुख मांगें स्वीकार करते हुए निलंबन समाप्त कर दिया और हड़ताल अवधि को अवकाश में समायोजित कर दिया।
क्या होंगे तत्काल बदलाव?
अधिकारियों की वापसी से जमीन से जुड़े कामों में तेजी आने की उम्मीद है। पिछले डेढ़ महीने में कई जरूरी सेवाएं प्रभावित हुई थीं।
अब दाखिल-खारिज, प्रमाण पत्र जारी करने और भूमि विवादों के निपटारे में गति आएगी। आम लोगों को राहत मिलने की संभावना है।
सरकार का फोकस: लंबित मामलों का निपटारा
राजस्व विभाग ने स्पष्ट किया है कि अब प्राथमिकता लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन की है। सभी जिलों के समाहर्ताओं और अंचल अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं।
उन्हें अपने-अपने क्षेत्रों में लंबित आवेदनों की समीक्षा कर समयबद्ध तरीके से निपटारा सुनिश्चित करने को कहा गया है।
सख्ती भी जारी रहेगी
विभाग ने यह भी साफ कर दिया है कि काम में लापरवाही या अनुपस्थिति बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
4 मई से सभी अधिकारियों को अपने पदस्थापन स्थल पर योगदान देना अनिवार्य होगा। नियमों का पालन नहीं करने पर प्रशासनिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
मॉनिटरिंग सिस्टम होगा मजबूत
राज्य सरकार ने जिला स्तर पर विशेष मॉनिटरिंग सिस्टम लागू करने का निर्णय लिया है।
इसके तहत लंबित मामलों की सूची तैयार की जाएगी और प्राथमिकता के आधार पर उनके समाधान की कार्ययोजना बनाई जाएगी। इससे कामकाज की गति पर नजर रखी जा सकेगी।
भविष्य के लिए क्या संकेत?
सरकार ने संकेत दिए हैं कि अधिकारियों की मांगों पर सकारात्मक और व्यावहारिक समाधान खोजा जाएगा।
इसका उद्देश्य भविष्य में इस तरह के विवाद से बचना और प्रशासनिक कामकाज को बाधित होने से रोकना है। इससे सरकारी सेवाओं की निरंतरता बनी रहेगी।
