बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए बिहार सीएम सम्राट चौधरी ने पुलिस प्रशासन को बड़ा संदेश दिया है। बिहार सीएम सम्राट चौधरी ने साफ कहा कि अपराधियों के प्रति किसी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी। गुरुवार को सभी जिलों के डीएम और एसपी के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक में उन्होंने अपराध नियंत्रण को लेकर स्पष्ट और कड़े निर्देश दिए।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराधियों को “माला पहनाने” की जरूरत नहीं है, बल्कि गंभीर अपराध करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। यह बयान ऐसे समय आया है जब राज्य में लगातार एनकाउंटर की घटनाएं सामने आ रही हैं।
सख्त निर्देश: 48 घंटे में गिरफ्तारी जरूरी
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि हत्या जैसे गंभीर मामलों में 48 घंटे के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि अपराध होने के बाद त्वरित कार्रवाई से ही जनता का भरोसा मजबूत होता है।
इसके साथ ही उन्होंने समय पर चार्जशीट दाखिल करने पर भी जोर दिया। सीएम ने कहा कि 12 से 13 दिनों के भीतर सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कर ली जानी चाहिए। इससे अपराधियों में डर और कानून का सम्मान दोनों बढ़ेगा।
बच्चियों से अपराध पर जीरो टॉलरेंस
बैठक में सबसे कड़ा संदेश बच्चियों के खिलाफ होने वाले अपराधों को लेकर दिया गया। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि 10–15 साल की बच्चियों के साथ अपराध करने वाले अपराधी समाज के लिए बेहद खतरनाक हैं। ऐसे अपराधियों के प्रति सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
सीएम के इस बयान ने प्रशासनिक स्तर पर एक स्पष्ट संदेश दिया है कि महिला और बाल सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता में सबसे ऊपर है।
24 घंटे में दो एनकाउंटर से बढ़ी सख्ती की चर्चा
राज्य में हाल ही में हुए दो एनकाउंटर ने कानून-व्यवस्था को लेकर बहस तेज कर दी है। भागलपुर के सुल्तानगंज में नगर परिषद कार्यालय में घुसकर ईओ कृष्ण भूषण प्रसाद की हत्या करने वाले आरोपी रामधनी यादव को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया।
इसके ठीक 24 घंटे बाद सीवान में भी पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हुई। इस घटना में हत्या के आरोपी छोटू यादव को पैर में गोली लगी और वह घायल हो गया।
लगातार हो रही इन घटनाओं के बीच मुख्यमंत्री का सख्त बयान सामने आने से पुलिस की कार्रवाई और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।
पहली बैठक में बड़ा एक्शन प्लान
मुख्यमंत्री बनने के बाद यह पहली बार था जब सम्राट चौधरी ने सभी डीएम और एसपी के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। पटना के राज्य कन्वेंशन हॉल में आयोजित इस बैठक में कानून-व्यवस्था के साथ-साथ सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और जनसेवा वितरण की भी समीक्षा की गई।
सीएम ने अधिकारियों से कहा कि प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने आम लोगों को समय पर सेवाएं देने पर भी जोर दिया।
सियासी माहौल भी हुआ गर्म
मुख्यमंत्री के “माला पहनाने” वाले बयान को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। विपक्ष इस बयान को लेकर सवाल उठा रहा है, जबकि सत्ता पक्ष इसे अपराध के खिलाफ सख्त संदेश बता रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बयान और लगातार हो रही पुलिस कार्रवाई से राज्य में कानून-व्यवस्था पर व्यापक बहस छिड़ सकती है।
कानून-व्यवस्था पर सरकार का फोकस
बिहार सरकार का यह रुख साफ करता है कि आने वाले समय में अपराध के खिलाफ और आक्रामक नीति अपनाई जा सकती है। तेज जांच, त्वरित गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई सरकार की प्राथमिकता में शामिल है।
इससे आम लोगों में सुरक्षा की भावना बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है, हालांकि इसके साथ ही कानून के दायरे में रहकर कार्रवाई सुनिश्चित करना भी जरूरी होगा।
