बिहार क्रिप्टो कांड: 55 करोड़ की हेराफेरी का खुलासा, बड़ा गैंग गिरफ्तार

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बिहार में 55 करोड़ का साइबर मनी लॉन्ड्रिंग रैकेट बेनकाब

Bihar Cyber Money Laundering मामले में बड़ा खुलासा सामने आया है। Bihar Cyber Money Laundering के इस केस में मोतिहारी साइबर पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूर्वी चंपारण के सीमावर्ती इलाके में चल रहे इस नेटवर्क के जरिए करोड़ों रुपये का अवैध लेन-देन किया जा रहा था। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में भारतीय और नेपाली मुद्रा बरामद की है, जिससे इस गिरोह के नेटवर्क का दायरा काफी बड़ा माना जा रहा है।

क्रिप्टो करेंसी से 55 करोड़ का अवैध ट्रांजेक्शन

जांच के दौरान सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि इस गिरोह ने क्रिप्टो करेंसी का इस्तेमाल कर करीब 55 करोड़ रुपये से ज्यादा का ट्रांजेक्शन किया।

साइबर डीएसपी अभिनव परासर के अनुसार, एक मोबाइल फोन की जांच में ही करीब 6 मिलियन डॉलर के बराबर लेन-देन का रिकॉर्ड मिला है।

यह संकेत देता है कि आरोपी तकनीकी रूप से काफी सक्रिय थे और डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर बड़े स्तर पर धोखाधड़ी को अंजाम दे रहे थे।

म्यूल अकाउंट के जरिए नेपाल भेजा जाता था पैसा

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी कई बैंक खातों (म्यूल अकाउंट) का इस्तेमाल करते थे।

इन खातों में पहले अवैध तरीके से पैसा जमा किया जाता था और फिर उसे सीमावर्ती देश नेपाल के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया जाता था।

सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण इनका नेटवर्क नेपाल से सीधे जुड़ा हुआ था, जिससे ट्रांजेक्शन को ट्रैक करना मुश्किल हो जाता था।

60 लाख कैश और कई डिजिटल उपकरण जब्त

पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर मोतिहारी, ढाका और घोड़ासहन क्षेत्रों में संयुक्त छापेमारी की।

इस कार्रवाई में 60 लाख रुपये भारतीय नकदी और 13 लाख 67 हजार 810 नेपाली मुद्रा बरामद की गई।

इसके अलावा पुलिस को 11 मोबाइल फोन, एक सीपीयू, कैश काउंटिंग मशीन, पॉश मशीन और 10 संदिग्ध बैंक खातों के दस्तावेज भी मिले हैं।

सीमावर्ती इलाकों में पुलिस की सख्ती से मिली सफलता

जिले के एसपी स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर सीमावर्ती क्षेत्रों में पहले से ही विशेष निगरानी अभियान चलाया जा रहा था।

इसी अभियान के तहत यह बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों और नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।

संभावना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

क्या है इस केस का बड़ा संकेत?

यह मामला दिखाता है कि अब साइबर अपराधी पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़कर क्रिप्टो और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का इस्तेमाल कर रहे हैं।

विशेषज्ञ मानते हैं कि ऐसे मामलों में डिजिटल ट्रैकिंग और अंतरराष्ट्रीय सहयोग बेहद जरूरी हो जाता है।

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