बिहार में बिहार मौसम काल वैशाखी का असर बेहद खतरनाक रूप में सामने आया है। बिहार मौसम काल वैशाखी के चलते तेज आंधी, बारिश और वज्रपात ने राज्य के कई जिलों में भारी तबाही मचाई है। सोमवार शाम अचानक बदले मौसम ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। सड़कों पर अंधेरा छा गया और लोग जहां-तहां फंस गए। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 26 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जिससे पूरे राज्य में चिंता का माहौल है।
तेज आंधी और बारिश से बिगड़े हालात
सोमवार शाम पटना समेत पूरे बिहार में मौसम अचानक बदल गया। लगभग 60 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली तेज आंधी ने हालात बिगाड़ दिए।
घने काले बादलों की वजह से शाम चार बजे ही अंधेरा छा गया। तेज बारिश और हवा के कारण लोग सुरक्षित स्थानों की तलाश में भागते नजर आए।
करीब एक घंटे तक चली इस आंधी-पानी ने आम जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित किया।
वज्रपात और हादसों में 26 लोगों की मौत
राज्य भर में आंधी-बारिश के साथ वज्रपात ने कई जिंदगियां छीन लीं।
रिपोर्ट के अनुसार, 18 लोगों की मौत आकाशीय बिजली गिरने से हुई, जिनमें आठ बच्चे भी शामिल हैं। वहीं आठ लोग पेड़ या दीवार गिरने से दबकर मारे गए।
गया जिले में सबसे अधिक सात लोगों की मौत हुई, जिनमें तीन बच्चे शामिल हैं। यह आंकड़ा इस आपदा की गंभीरता को दर्शाता है।
कई जिलों में भारी नुकसान, बिजली व्यवस्था ठप
आंधी और बारिश ने राज्य के कम से कम दस जिलों में भारी नुकसान पहुंचाया है।
गोपालगंज में सबसे ज्यादा असर देखने को मिला, जहां 70 बिजली के पोल गिर गए और 12 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए।
इसके अलावा कई जगह पेड़ गिरने से सड़कें बंद हो गईं और कच्चे घरों को भी नुकसान पहुंचा। खेतों में खड़ी फसलें भी बर्बाद हो गईं।
पटना में दिन में छाया अंधेरा
राजधानी पटना में भी मौसम का असर साफ दिखा।
तेज आंधी और घने बादलों की वजह से दिन में ही अंधेरा छा गया। लोग अचानक बदले मौसम के कारण सड़कों पर फंस गए।
यह स्थिति लगभग एक घंटे तक बनी रही, जिससे ट्रैफिक और सामान्य गतिविधियां प्रभावित हुईं।
मौसम विभाग का अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए अलर्ट जारी किया है।
उत्तर बिहार के जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट और दक्षिण बिहार के लिए येलो अलर्ट घोषित किया गया है।
गोपालगंज और सिवान में ओलावृष्टि की भी चेतावनी दी गई है। विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
अगले दो दिन और चुनौतीपूर्ण
मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में अगले एक-दो दिन तक बादलों की सक्रियता बनी रहेगी।
गरज-तड़क के साथ बारिश और वज्रपात की संभावना बनी हुई है। इससे हालात और बिगड़ सकते हैं।
लोगों को खुले स्थानों से दूर रहने और सुरक्षित स्थानों में रहने की सलाह दी गई है।
प्रशासन की तैयारी और अपील
प्रशासन ने सभी जिलों में सतर्कता बढ़ा दी है।
आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट पर रखा गया है और बिजली व सड़क व्यवस्था बहाल करने का काम तेजी से किया जा रहा है।
लोगों से अपील की गई है कि मौसम खराब होने पर घर से बाहर न निकलें और सरकारी निर्देशों का पालन करें।
किसानों और आम लोगों पर असर
इस आपदा का सबसे ज्यादा असर किसानों और गरीब वर्ग पर पड़ा है।
फसलों को भारी नुकसान हुआ है, जिससे आर्थिक परेशानी बढ़ सकती है। वहीं कच्चे घरों के क्षतिग्रस्त होने से कई परिवार प्रभावित हुए हैं।
सरकार की ओर से राहत और सहायता के उपायों पर काम शुरू किया गया है।
