तेज प्रताप ने नीतीश को दिए 9/10 अंक, तेजस्वी पर तंज कसते हुए कहा- राजद का पतन शुरू


 

बिहार की राजनीति में तेज प्रताप यादव बयान नीतीश कुमार को लेकर नई बहस छिड़ गई है। तेज प्रताप यादव बयान नीतीश कुमार उस समय चर्चा में आया जब उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री को 10 में 9 अंक देकर सभी को चौंका दिया। इस बयान के साथ ही उन्होंने अपने भाई तेजस्वी यादव और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) पर भी खुलकर निशाना साधा, जिससे सियासी माहौल गरमा गया है।

तेज प्रताप के इस रुख को राजनीतिक हलकों में एक बड़े संकेत के रूप में देखा जा रहा है, जो आने वाले समय में नई समीकरणों को जन्म दे सकता है।

नीतीश कुमार को 10 में 9 अंक, क्यों चौंके लोग?

एक टीवी इंटरव्यू के दौरान तेज प्रताप यादव ने नीतीश कुमार के कार्यकाल की सराहना करते हुए उन्हें 10 में से 9 अंक दिए।

यह बयान इसलिए खास माना जा रहा है क्योंकि बिहार की राजनीति में जदयू और राजद लंबे समय से एक-दूसरे के विरोधी रहे हैं। ऐसे में तेज प्रताप का यह रुख राजनीतिक विश्लेषकों को हैरान कर रहा है।

‘चाचा सीनियर हैं’—तेज प्रताप का नरम अंदाज

तेज प्रताप यादव ने कहा कि नीतीश कुमार उनके पिता लालू प्रसाद यादव के पुराने सहयोगी रहे हैं और उनके लिए ‘चाचा’ जैसे हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि राजनीति में मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन व्यक्तिगत रिश्ते अलग होते हैं। उनके अनुसार, अनुभव के मामले में नीतीश कुमार उनसे कहीं आगे हैं।

राबड़ी देवी का जिक्र, लेकिन संतुलित प्रतिक्रिया

जब उनसे यह पूछा गया कि नीतीश कुमार ने राबड़ी देवी को हटाकर सत्ता संभाली थी, तो तेज प्रताप ने इसे राजनीति का सामान्य हिस्सा बताया।

उन्होंने कहा कि सत्ता परिवर्तन लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है और इसे व्यक्तिगत रिश्तों से नहीं जोड़ना चाहिए। इस बयान से उनका संतुलित रुख सामने आया।

सम्राट चौधरी सरकार से उम्मीदें

तेज प्रताप यादव ने मौजूदा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को बधाई देते हुए कहा कि उन्हें नई सरकार से उम्मीदें हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार को खास तौर पर युवाओं के रोजगार पर ध्यान देना चाहिए और नीतीश कुमार के अधूरे कार्यों को पूरा करना चाहिए। यह बयान विकास के मुद्दों पर उनकी प्राथमिकता को दर्शाता है।

तेजस्वी यादव पर सीधा हमला

इंटरव्यू के दौरान तेज प्रताप ने अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव पर भी तीखा हमला बोला।

उन्होंने कहा कि उनके पार्टी से अलग होने के बाद ही राजद की स्थिति कमजोर हुई है। उनके अनुसार, तेजस्वी यादव जमीनी मुद्दों से दूर हो गए हैं और जनता से उनका जुड़ाव कम हुआ है।

‘राजद अब कमजोर स्थिति में’—बड़ा दावा

तेज प्रताप यादव ने दावा किया कि राजद अब पहले जैसी मजबूत स्थिति में नहीं है।

उन्होंने कहा कि पार्टी के पास सीमित विधायक रह गए हैं और उनमें भी असंतोष बढ़ रहा है। यह बयान पार्टी के अंदरूनी हालात पर सवाल खड़े करता है।

बिहार की राजनीति पर क्या होगा असर?

तेज प्रताप के इस बयान से बिहार की राजनीति में नई हलचल पैदा हो गई है।

एक तरफ उन्होंने नीतीश कुमार की तारीफ की, वहीं दूसरी तरफ अपनी ही पार्टी और भाई पर निशाना साधा। ऐसे में आने वाले दिनों में राजनीतिक समीकरण बदलने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

क्यों अहम है यह बयान?

यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सिर्फ व्यक्तिगत राय नहीं, बल्कि संभावित राजनीतिक संकेत भी हो सकता है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि ऐसे बयान आने वाले समय में गठबंधन और रणनीतियों को प्रभावित कर सकते हैं। इससे बिहार की राजनीति में नए मोड़ देखने को मिल सकते हैं।

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