पटना: पटना महिला दारोगा केस ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था और घरेलू हिंसा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पटना महिला दारोगा केस में एक महिला सब-इंस्पेक्टर ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज प्रताड़ना, मारपीट और ब्लैकमेलिंग के गंभीर आरोप लगाए हैं। राजधानी में तैनात इस अधिकारी ने महिला थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और सभी आरोपों की गहन पड़ताल की जा रही है।
पीड़िता वर्तमान में नवीन पुलिस लाइन, पटना में तैनात हैं और गर्दनीबाग थाना क्षेत्र में रहती हैं।
दहेज और प्रताड़ना के गंभीर आरोप
प्राथमिकी में महिला सब-इंस्पेक्टर उषा कुमारी ने बताया कि शादी के बाद से ही उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था।
उन्होंने आरोप लगाया कि पति, सास-ससुर, देवर और ननद सहित कुल 10 लोग दहेज के लिए दबाव बनाते थे। विरोध करने पर उनके साथ मारपीट और गाली-गलौज की जाती थी।
पीड़िता का कहना है कि यह उत्पीड़न लंबे समय से जारी था, लेकिन अब हालात गंभीर हो गए हैं।
लोन और जमीन को लेकर विवाद
महिला अधिकारी ने यह भी आरोप लगाया है कि उनके साथ आर्थिक धोखाधड़ी की गई। उनके नाम पर करीब 55 लाख रुपये का लोन लिया गया।
इस पैसे से पटना में एक कट्ठा जमीन खरीदी गई, लेकिन जमीन पति के नाम कर दी गई। लोन की किस्तें अब भी पीड़िता से ही चुकाई जा रही हैं।
ससुराल पक्ष पर यह भी आरोप है कि वे उन्हें उस संपत्ति से बेदखल करने की धमकी दे रहे हैं।
हत्या की कोशिश का आरोप
पीड़िता के अनुसार, 4 अप्रैल 2026 को उनके साथ बेहद गंभीर घटना हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि पति और परिवार के अन्य सदस्यों ने मिलकर उनकी बेरहमी से पिटाई की।
इतना ही नहीं, मंगलसूत्र से गला दबाकर हत्या की कोशिश भी की गई। शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और उन्हें बचाया।
इसके बाद उनकी बहन को सूचना दी गई और उन्हें इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
अश्लील वीडियो से ब्लैकमेलिंग का आरोप
मामले का एक और गंभीर पहलू सामने आया है। पीड़िता का आरोप है कि उनके पति ने उनके कुछ निजी फोटो और वीडियो बना रखे हैं।
इन सामग्रियों का इस्तेमाल कर उन्हें ब्लैकमेल किया जा रहा है और चुप रहने का दबाव बनाया जा रहा है।
यह आरोप मामले को और संवेदनशील बना देता है, जिस पर पुलिस विशेष ध्यान दे रही है।
पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई
महिला थाने में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी।
जरूरत पड़ने पर आरोपियों से पूछताछ और साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया भी तेज की जाएगी।
पुलिस का फोकस यह सुनिश्चित करना है कि पीड़िता को न्याय मिले और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
क्यों अहम है यह मामला?
यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें खुद एक पुलिस अधिकारी ने न्याय की गुहार लगाई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों से यह स्पष्ट होता है कि घरेलू हिंसा और दहेज जैसी समस्याएं समाज के हर वर्ग में मौजूद हैं।
साथ ही यह केस कानून व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे को भी सामने लाता है।
