पटना में SVU रेड इंजीनियर राजीव कुमार मामले ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई को लेकर बड़ा संदेश दिया है। SVU रेड इंजीनियर राजीव कुमार के ठिकानों पर हुई छापेमारी में आय से अधिक संपत्ति के गंभीर आरोप सामने आए हैं।
विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने शहरी विकास एवं आवास विभाग के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (मैकेनिकल) के खिलाफ केस दर्ज कर जांच तेज कर दी है। शुरुआती जांच में करोड़ों की संदिग्ध संपत्ति का मामला सामने आया है।
क्या है पूरा मामला?
बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत SVU ने राजीव कुमार के खिलाफ कांड संख्या-15/2026 दर्ज किया है।
उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए आय से अधिक संपत्ति अर्जित की।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, यह मामला सुनियोजित तरीके से अवैध संपत्ति जुटाने से जुड़ा हुआ है।
कितनी संपत्ति आई जांच के दायरे में?
निगरानी इकाई की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी अधिकारी ने अपनी वैध आय से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की है।
आंकड़ों के अनुसार, करीब 1 करोड़ 10 लाख 24 हजार 271 रुपये की अतिरिक्त संपत्ति का पता चला है।
यह अंतर सीधे तौर पर भ्रष्टाचार के संकेत देता है और इसी आधार पर मामला दर्ज किया गया है।
किन-किन जगहों पर चल रही छापेमारी?
विशेष न्यायालय से वारंट मिलने के बाद SVU की टीम ने एक साथ कई ठिकानों पर रेड की कार्रवाई शुरू की।
प्रमुख स्थानों में शामिल हैं:
- रामनगरी रोड स्थित गृह अपार्टमेंट (फ्लैट B-202)
- खगौल रोड, दानापुर स्थित लैंडमार्क गोल्ड (फ्लैट 807)
- पंत भवन स्थित कार्यालय (प्रोक्योरमेंट एंड क्वालिटी कंट्रोल)
इन सभी जगहों पर दस्तावेज, बैंक लेन-देन और संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।
जांच में क्या मिल सकते हैं बड़े सुराग?
SVU की टीम हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है।
प्रारंभिक संकेत बताते हैं कि मामला और बड़ा हो सकता है। कई और संपत्तियों या लेन-देन के खुलासे की संभावना जताई जा रही है।
जांच एजेंसियां डिजिटल रिकॉर्ड और बैंक खातों की भी पड़ताल कर रही हैं।
किन धाराओं में दर्ज हुआ केस?
राजीव कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
इसमें धारा 13(1)(b), 13(2) और 12 शामिल हैं, जो आय से अधिक संपत्ति और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में लागू होती हैं।
इन धाराओं के तहत दोष सिद्ध होने पर सख्त सजा का प्रावधान है।
बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती
हाल के दिनों में बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई तेज हुई है।
सरकार और जांच एजेंसियां ऐसे मामलों में तेजी से कार्रवाई कर रही हैं, जिससे सिस्टम में पारदर्शिता बढ़ाने की कोशिश हो रही है।
यह कार्रवाई भी उसी अभियान का हिस्सा मानी जा रही है।
आगे क्या होगा?
फिलहाल छापेमारी जारी है और जांच एजेंसियां सबूत जुटा रही हैं।
यदि आरोप साबित होते हैं, तो आरोपी अधिकारी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और कड़ी सजा हो सकती है।
आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।
Source: विशेष निगरानी इकाई (SVU), पटना
