पटना में पटना गर्मी स्कूल समय बदलाव का असर अब साफ दिख रहा है। लगातार बढ़ती गर्मी के बीच प्रशासन ने पटना गर्मी स्कूल समय बदलाव को लेकर बड़ा फैसला लिया है। राजधानी में तापमान लगातार 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य पर खतरा बढ़ गया है। इसी को देखते हुए जिलाधिकारी ने स्कूलों के समय में बदलाव करते हुए कक्षाओं को पहले ही खत्म करने का आदेश जारी किया है।
यह फैसला छात्रों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर लिया गया है, ताकि भीषण गर्मी से उन्हें बचाया जा सके।
24 घंटे में दूसरा बड़ा आदेश
पटना के जिलाधिकारी Thyagarajan SM ने 24 घंटे के भीतर दूसरा अहम आदेश जारी किया है।
इस आदेश में कहा गया है कि अत्यधिक तापमान और दोपहर की तेज धूप बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर डाल सकती है।
इसी कारण भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा-163 के तहत स्कूलों के संचालन समय को सीमित किया गया है।
5वीं तक 11:30 बजे, 8वीं तक 12:30 बजे छुट्टी
नए निर्देश के अनुसार,
- प्री-स्कूल, आंगनबाड़ी और 5वीं तक की कक्षाएं सुबह 11:30 बजे तक ही चलेंगी
- 6ठी से 8वीं तक की कक्षाएं अधिकतम 12:30 बजे तक संचालित होंगी
इसके बाद सभी शैक्षणिक गतिविधियों पर रोक रहेगी।
विद्यालय प्रबंधन को निर्देश दिया गया है कि वे इसी के अनुसार टाइम टेबल को पुनः निर्धारित करें।
लगातार 40°C पार कर रहा तापमान
पटना में लगातार दूसरे दिन तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया है।
तेज धूप और लू जैसी स्थिति के कारण दोपहर के समय बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है।
मौसम विभाग ने पहले ही दी थी चेतावनी
पटना मौसम विज्ञान केंद्र ने मार्च के अंत में ही इस बार भीषण गर्मी की आशंका जताई थी।
विशेष रूप से दक्षिण बिहार में अप्रैल से ही तापमान तेजी से बढ़ने की संभावना बताई गई थी।
18 अप्रैल के बाद से तापमान लगातार बढ़ रहा है और स्थिति गंभीर होती जा रही है।
10 से ज्यादा जिलों में 40°C के पार पारा
राज्य के कई जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले एक सप्ताह तक यही स्थिति बनी रह सकती है।
इससे जनजीवन के साथ-साथ शिक्षा व्यवस्था पर भी असर पड़ रहा है।
बच्चों की सेहत को लेकर प्रशासन सतर्क
प्रशासन ने साफ किया है कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
गर्मी के कारण डिहाइड्रेशन, चक्कर और बेहोशी जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
इसी वजह से स्कूलों के समय में बदलाव कर जोखिम को कम करने की कोशिश की गई है।
अभिभावकों और स्कूलों को क्या करना चाहिए?
- बच्चों को ज्यादा देर धूप में न रखें
- पानी और तरल पदार्थ नियमित दें
- हल्के और आरामदायक कपड़े पहनाएं
- स्कूल प्रशासन समय-समय पर स्वास्थ्य पर नजर रखें
इन उपायों से गर्मी के प्रभाव को कम किया जा सकता है।
