पटना में बुलडोजर एक्शन जारी; बनाया जाएगा ग्रीन जोन

📌 पटना और बिहार के सभी ज़िलों की ताज़ा ख़बरें सीधे अपने मोबाइल पर पाएं!

👉 WhatsApp से जुड़ें


 

पटना में गंगा किनारे अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तेज हो गई है। रविवार को आठवें दिन चले विशेष अभियान में गंगा किनारे अतिक्रमण हटाने के तहत 35 पक्के अवैध निर्माण बुलडोजर से तोड़े गए। यह अभियान सभ्यता द्वार से लेकर कलेक्ट्रेट के पीछे तक चलाया गया, जहां लंबे समय से अवैध कब्जे की शिकायतें मिल रही थीं।

जिला प्रशासन ने साफ किया है कि यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और किसी भी नए अतिक्रमण को सख्ती से रोका जाएगा।

35 पक्के अवैध निर्माण ध्वस्त, कार्रवाई जारी

जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम के निर्देश पर यह अभियान लगातार आठवें दिन भी जारी रहा। प्रशासन की टीम ने गंगा तट पर बने अवैध पक्के निर्माणों को चिन्हित कर कार्रवाई की।

इनमें कई ऐसे निर्माण थे, जो वर्षों से सरकारी जमीन पर कब्जा कर बनाए गए थे। बुलडोजर की मदद से इन्हें हटाया गया, ताकि क्षेत्र को खाली कराया जा सके।

प्रशासन ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में और भी स्थानों पर इसी तरह की कार्रवाई होगी।

गंगा तट की जमीन सरकारी, निजी दावा अमान्य

डीएम ने स्पष्ट किया कि गंगा किनारे की असर्वेक्षित भूमि पूरी तरह से सरकारी संपत्ति है। इस जमीन पर किसी भी व्यक्ति का निजी दावा मान्य नहीं होगा।

उन्होंने बताया कि कई जगह असामाजिक तत्वों ने पक्का निर्माण कर कब्जा कर लिया था, जिससे विकास योजनाओं में बाधा आ रही थी।

अब इन सभी कब्जों को हटाकर जमीन को सरकारी उपयोग में लाया जाएगा।

कोर्ट और NGT के आदेशों का पालन

इस कार्रवाई के पीछे सिर्फ अतिक्रमण हटाना ही उद्देश्य नहीं है, बल्कि न्यायालय के आदेशों का पालन भी अहम कारण है।

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) और उच्चतम न्यायालय ने फ्लड प्लेन और गंगा तटीय क्षेत्रों में निर्माण पर रोक लगाई है। इसके बावजूद लगातार अवैध निर्माण हो रहे थे।

प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए अभियान शुरू किया, ताकि पर्यावरण और कानून दोनों का संरक्षण हो सके।

हरित क्षेत्र और पार्किंग की योजना

अतिक्रमण हटाने के बाद खाली हुई जमीन का उपयोग शहर के विकास के लिए किया जाएगा। प्रशासन ने यहां हरित क्षेत्र विकसित करने की योजना बनाई है।

इसके साथ ही पार्किंग की सुविधा और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं का भी निर्माण किया जाएगा। इससे शहर की यातायात व्यवस्था में सुधार आने की उम्मीद है।

गंगा पथ, अशोक राजपथ और पटना साहिब जैसे क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों को भी इससे मदद मिलेगी।

नए अतिक्रमण पर सख्ती, निगरानी बढ़ी

प्रशासन ने एसडीओ और एसडीपीओ को निर्देश दिया है कि हटाए गए क्षेत्रों में दोबारा अतिक्रमण न हो, इसकी निगरानी की जाए।

यदि कोई व्यक्ति या समूह दोबारा कब्जा करने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

यह कदम सुनिश्चित करेगा कि हटाई गई जमीन पर स्थायी रूप से सरकारी नियंत्रण बना रहे।

शहर को आधुनिक और व्यवस्थित बनाने की दिशा

जिला प्रशासन का कहना है कि यह अभियान पटना को एक सुंदर, स्वच्छ और व्यवस्थित शहर बनाने की दिशा में उठाया गया कदम है।

वन, नगर विकास, पथ निर्माण और आवास विभाग मिलकर इन क्षेत्रों में विकास और सुंदरीकरण का काम करेंगे।

इससे न सिर्फ पर्यावरण संरक्षण होगा, बल्कि नागरिकों को बेहतर सुविधाएं भी मिलेंगी।

क्या है इस कार्रवाई का असर?

इस अभियान से गंगा तट का क्षेत्र साफ और सुरक्षित होगा। पर्यावरणीय दृष्टि से भी यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

इसके अलावा, ट्रैफिक जाम की समस्या कम करने और शहर के सौंदर्य को बढ़ाने में भी यह योजना कारगर साबित हो सकती है।

आने वाले समय में यह मॉडल अन्य शहरों में भी लागू किया जा सकता है।

🛍️ ऑनलाइन शॉपिंग करें
Amazon, Flipkart, Myntra और AJIO पर खरीदारी करें
यहाँ से खरीदारी करने पे एक्स्ट्रा डिस्काउंट मिल सकता है।
Next Post Previous Post
"ताज़ा ख़बरें पाएं"
1