लखनऊ में अवैध मस्जिद पर बुलडोजर, रात 3 बजे कार्रवाई

 


Lucknow Illegal Masjid Bulldozer Action के तहत क्या, कब, कहां, किसने और क्यों कार्रवाई की—यह पूरी जानकारी सामने आ गई है।
Lucknow Illegal Masjid Bulldozer Action गुरुवार तड़के करीब 3 बजे उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के बीकेटी (बख्शी का तालाब) इलाके में किया गया। प्रशासन ने कोर्ट के आदेश के बाद पशुशाला की सरकारी जमीन पर बने अवैध ढांचे को हटाया। Lucknow Illegal Masjid Bulldozer Action को भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अंजाम दिया गया ताकि किसी भी तरह का विवाद या विरोध न हो।

रात में गोपनीय तरीके से चलाया गया ऑपरेशन

प्रशासन ने इस कार्रवाई को पूरी तरह गोपनीय रखा।

बुधवार रात से ही इलाके की घेराबंदी कर दी गई थी और गांव में आने-जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग लगा दी गई।

रात करीब 2 बजे पूरे क्षेत्र की बिजली काट दी गई, ताकि किसी तरह का विरोध प्रदर्शन न हो सके।

3 बजे शुरू हुआ बुलडोजर, एक घंटे में ढांचा ध्वस्त

तड़के करीब 3 बजे जब पूरा इलाका शांत था, तब चार जेसीबी मशीनों ने कार्रवाई शुरू की।

करीब एक घंटे के भीतर अवैध निर्माण को पूरी तरह गिरा दिया गया।

मलबा हटाने के लिए एक दर्जन डंपरों का इस्तेमाल किया गया, जिससे मौके को तुरंत खाली कर दिया गया।

भारी पुलिस बल और पीएसी की तैनाती

संभावित विरोध को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे।

करीब 10 थानों की पुलिस और पीएसी की टुकड़ियां मौके पर तैनात रहीं।

पूरा गांव छावनी में तब्दील कर दिया गया था, जिससे स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही।

कोर्ट के आदेश के बाद हुई कार्रवाई

प्रशासन के अनुसार, जिस जमीन पर निर्माण किया गया था, वह राजस्व रिकॉर्ड में ग्राम सभा की ‘पशुशाला’ भूमि के रूप में दर्ज है।

इस मामले की शिकायत 19 अक्टूबर 2024 को दर्ज की गई थी।

तहसीलदार कोर्ट ने बेदखली का आदेश दिया, जिसे बाद में अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) और उच्च न्यायालय ने भी बरकरार रखा।

 हाईकोर्ट का फैसला: कब्जा हटाने का आदेश कायम

उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा।

हालांकि अदालत ने याचिकाकर्ताओं पर लगाए गए 36 हजार रुपये के जुर्माने को रद्द कर दिया।

कोर्ट ने कहा कि निर्माण में उनकी सीधी भूमिका स्पष्ट नहीं थी, इसलिए आर्थिक दंड उचित नहीं है।

अस्ती गांव में स्थिति सामान्य, निगरानी जारी

कार्रवाई के बाद प्रशासन ने बताया कि पूरा ऑपरेशन शांतिपूर्ण तरीके से पूरा किया गया।

किसी भी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है।

फिलहाल इलाके में पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

अतिक्रमण हटाने का अभियान रहेगा जारी

प्रशासन ने साफ किया है कि सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने का अभियान आगे भी जारी रहेगा।

अधिकारियों के अनुसार, न्यायालय के हर आदेश का सख्ती से पालन किया जाएगा।

यह कार्रवाई उसी दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

क्यों अहम है यह कार्रवाई?

  • सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे के खिलाफ सख्त संदेश
  • कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्लानिंग के साथ ऑपरेशन
  • कोर्ट के आदेशों के पालन को प्राथमिकता

यह कार्रवाई प्रशासन की सख्ती और कानूनी प्रक्रिया के पालन को दर्शाती है।


Source: स्थानीय प्रशासनिक जानकारी एवं न्यायालय आदेश

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