खगड़िया अतिक्रमण मामला अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। खगड़िया अतिक्रमण मामला में नगर परिषद क्षेत्र के संसारपुर वार्ड 38 स्थित सरकारी पोखर और सड़क पर अवैध कब्जे का आरोप सामने आया है। खगड़िया अतिक्रमण मामला को लेकर स्थानीय लोगों ने कई बार शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।
स्थानीय निवासी दीपक कुमार ने इस मामले को लेकर अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के समक्ष आवेदन देकर न्याय की मांग की है। उन्होंने प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप की अपील की है।
सरकारी पोखर पर कब्जा, सड़क का अस्तित्व खत्म
संसारपुर वार्ड संख्या–38 में स्थित “धोबिया खड्डा” नामक सरकारी पोखर करीब 4 से 5 बीघा में फैला हुआ है।
आरोप है कि कुछ लोगों ने इस पोखर और उससे जुड़ी सार्वजनिक सड़क पर अवैध कब्जा कर लिया है। इसके कारण सड़क पूरी तरह समाप्त हो चुकी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अब वहां से गुजरना भी मुश्किल हो गया है और इलाके में गंदगी का अंबार लग गया है।
चार महीने से शिकायत, फिर भी नहीं कार्रवाई
पीड़ित दीपक कुमार के अनुसार, वे पिछले चार माह से लगातार जिला पदाधिकारी के जनता दरबार में आवेदन दे रहे हैं।
उन्होंने 19 दिसंबर 2025, 2 जनवरी 2026, 30 जनवरी 2026 और 6 अप्रैल 2026 को भी शिकायत दर्ज कराई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
इस मामले की जानकारी मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री तक भी पहुंचाई गई, बावजूद इसके स्थिति जस की तस बनी हुई है।
शिकायतकर्ता को मिली धमकियां
दीपक कुमार ने आरोप लगाया है कि इस मुद्दे को उठाने के कारण उन्हें धमकियां मिल रही हैं।
उन्होंने बताया कि एक बार उन पर हमला भी किया गया था। इससे उनके और उनके परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा मुहैया कराने की भी मांग की है।
प्रशासन ने दिया जांच का आश्वासन
इस मामले की सुनवाई अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के न्यायालय में की गई।
पदाधिकारी विवेक सुगंध ने बताया कि मामले की जांच की जाएगी और उचित कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि अगली सुनवाई के लिए अगले महीने की तारीख तय की गई है।
देरी की वजह भी बताई गई
प्रशासन के अनुसार, अंचल अधिकारियों के कार्य प्रभावित होने और कुछ अधिकारियों के हड़ताल पर रहने के कारण कार्रवाई में देरी हुई है।
हालांकि, अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही स्थिति को सामान्य कर कार्रवाई शुरू की जाएगी।
अतिक्रमण हटाने की तैयारी
पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि संबंधित भूमि सरकारी खास गैर मजरूआ है और इस पर अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अंचल अधिकारियों के कार्य पर लौटते ही अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
प्रशासन का दावा है कि पोखर और सड़क को जल्द ही पूर्व स्थिति में बहाल किया जाएगा।
स्थानीय लोगों की मांग
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है।
उन्होंने कहा कि भूमि के कागजातों की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
साथ ही, अतिक्रमण हटाकर पोखर और सड़क को पहले जैसी स्थिति में बहाल किया जाए।
