जदयू की नई राष्ट्रीय टीम घोषित, 46 प्रतिशत पिछड़ा-अतिपिछड़ा, सर्वण कितने..?


 

पटना में जारी JDU National Executive List ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा शुरू कर दी है। JDU National Executive List में कुल 24 नेताओं को शामिल किया गया है, जिसमें सामाजिक संतुलन पर विशेष ध्यान दिया गया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने इस सूची के जरिए संगठन में विभिन्न वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करने की कोशिश की है।

24 पदाधिकारियों की टीम में सामाजिक समीकरण

जनता दल (यूनाइटेड) की नई राष्ट्रीय टीम में एक कार्यकारी अध्यक्ष, एक उपाध्यक्ष, 12 महासचिव, एक कोषाध्यक्ष, आठ सचिव और एक प्रवक्ता सह सचिव शामिल हैं।

इस सूची में सामाजिक संतुलन को प्राथमिकता दी गई है। कुल 24 पदाधिकारियों में 11 पिछड़ा और अतिपिछड़ा वर्ग से हैं, जबकि चार दलित, चार अल्पसंख्यक और पांच सवर्ण समाज से शामिल किए गए हैं।

पिछड़ा-अतिपिछड़ा वर्ग को मिली प्रमुख हिस्सेदारी

नई सूची में लगभग 46 प्रतिशत हिस्सेदारी पिछड़ा और अतिपिछड़ा वर्ग को दी गई है। यह वर्ग लंबे समय से जदयू का प्रमुख वोट बैंक माना जाता रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस कदम से पार्टी ने अपने पारंपरिक सामाजिक आधार को मजबूत करने का संदेश दिया है।

महिलाओं को भी मिला प्रतिनिधित्व

इस बार की सूची में दो महिलाओं को भी जगह दी गई है। यह संकेत देता है कि पार्टी संगठन में महिला भागीदारी को भी बढ़ाने पर ध्यान दे रही है।

हालांकि संख्या कम है, लेकिन इसे एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है।

संजय झा को फिर मिली बड़ी जिम्मेदारी

विधानसभा चुनाव 2025 में पार्टी के चुनावी प्रबंधन में अहम भूमिका निभाने वाले संजय झा को फिर से राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है।

एनडीए सहयोगियों के साथ तालमेल बनाने में उनकी भूमिका को देखते हुए पार्टी नेतृत्व ने उन पर भरोसा कायम रखा है।

स्वास्थ्य कारणों से बशिष्ठ नारायण सिंह बाहर

पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बशिष्ठ नारायण सिंह को स्वास्थ्य कारणों से संगठनात्मक जिम्मेदारियों से अलग रखा गया है।

उनकी जगह जहानाबाद के पूर्व सांसद चंदेश्वर प्रसाद चंद्रवंशी को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। यह बदलाव भी संगठनात्मक पुनर्संतुलन का हिस्सा माना जा रहा है।

तीन नए चेहरों को मिला मौका

नई सूची में तीन नए नेताओं को शामिल किया गया है। रामेश सिंह कुशवाहा को महासचिव, निवेदिता कुमारी और रूही तागुंग को सचिव बनाया गया है।

इन नए चेहरों को शामिल कर पार्टी ने संगठन में नई ऊर्जा लाने की कोशिश की है।

कुछ नेताओं को नहीं मिली जगह

पिछली सूची में शामिल कुछ नेताओं को इस बार जगह नहीं मिली है। भगवान सिंह कुशवाहा और विनोद यादव को बाहर किया गया है।

हालांकि, कुछ नेताओं की वापसी भी हुई है। रवींद्र प्रसाद सिंह को फिर से राष्ट्रीय सचिव बनाया गया है।

क्यों अहम है यह नई सूची?

जदयू की यह नई राष्ट्रीय टीम आगामी चुनावों और संगठनात्मक मजबूती के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

यह सूची न सिर्फ सामाजिक संतुलन को दर्शाती है, बल्कि पार्टी की रणनीतिक दिशा को भी स्पष्ट करती है। इससे संकेत मिलता है कि पार्टी आने वाले समय में अपने कोर वोट बैंक को मजबूत करने पर ध्यान देगी।

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