उप राष्ट्रपति का ऐतिहासिक श्रीलंका दौरा: भारत-श्रीलंका रिश्तों में नई मजबूती, OCI प्रक्रिया होगी आसान
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भारत और श्रीलंका के बीच भारत-श्रीलंका OCI प्रक्रिया समझौता को लेकर बड़ा कदम उठाया गया है। इस भारत-श्रीलंका OCI प्रक्रिया समझौता के तहत भारतीय मूल के तमिलों (IOT) के लिए ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्ड प्राप्त करना अब आसान होगा। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन के दो दिवसीय दौरे के दौरान दोनों देशों ने कई अहम मुद्दों पर सहमति जताई, जिससे द्विपक्षीय संबंधों को नई मजबूती मिली है।
यह यात्रा न सिर्फ कूटनीतिक दृष्टि से अहम रही, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक स्तर पर भी दोनों देशों के रिश्तों को गहराई देने वाली साबित हुई।
OCI प्रक्रिया में क्या हुआ बड़ा बदलाव?
इस दौरे का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय OCI कार्ड प्रक्रिया को सरल बनाना रहा।
अब श्रीलंका में OCI कार्ड के लिए स्थानीय सरकार द्वारा जारी दस्तावेजों को भी मान्यता दी जाएगी। इससे भारतीय मूल के तमिलों को भारत आने-जाने में सुविधा होगी।
यह कदम लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करने वाला माना जा रहा है।
हाउसिंग प्रोजेक्ट और राहत कार्यों पर जोर
उपराष्ट्रपति ने इंडियन हाउसिंग प्रोजेक्ट (फेज III) के तहत बागान श्रमिकों को घर सौंपे।
इसके साथ ही उन्होंने घोषणा की कि फेज IV के तहत 10,000 और घर बनाए जाएंगे। अब तक भारत सरकार श्रीलंका में 50,000 से अधिक घर प्रदान कर चुकी है।
साइक्लोन दितवाह के बाद राहत और पुनर्निर्माण कार्यों में भी भारत ने सहयोग का भरोसा दिया है।
शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में नई पहल
दोनों देशों के बीच छात्रवृत्ति को लेकर भी अहम समझौता हुआ।
‘एस्टेट वर्कर स्कॉलरशिप’ के तहत शिक्षा के अवसर बढ़ाए जाएंगे। इसके अलावा स्वास्थ्य केंद्र, किसान क्लस्टर और आयुर्वेद प्रोजेक्ट को भी बढ़ावा देने पर सहमति बनी।
ये पहल आम लोगों के जीवन स्तर को सुधारने में मददगार होंगी।
सांस्कृतिक रिश्तों को मिला नया आयाम
उपराष्ट्रपति ने श्रीलंका के सीता एलिया स्थित सीता अम्मन मंदिर और हनुमान कोविल का दौरा किया।
इन धार्मिक स्थलों को रामायण से जुड़ा माना जाता है, जो भारत और श्रीलंका के गहरे सांस्कृतिक संबंधों का प्रतीक हैं। मंदिर के पुनर्निर्माण में भारत सरकार की भूमिका को भी रेखांकित किया गया।
उच्चस्तरीय बैठकों में क्या हुई चर्चा?
दौरे के दौरान उपराष्ट्रपति ने श्रीलंका के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और विपक्ष के नेताओं से मुलाकात की।
इन बैठकों में व्यापार, आर्थिक सहयोग और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा हुई। दोनों देशों ने भविष्य में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।
डिजिटल और रणनीतिक सहयोग पर फोकस
भारत और श्रीलंका ने रणनीतिक और आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाने पर भी सहमति जताई।
इसमें इंफ्रास्ट्रक्चर, रेलवे, ब्रिज निर्माण और अन्य विकास परियोजनाओं को शामिल किया गया है। यह सहयोग दोनों देशों के विकास को गति देगा।
क्यों अहम है यह दौरा?
यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर सहयोग की जरूरत बढ़ रही है।
भारत और श्रीलंका के बीच मजबूत संबंध दक्षिण एशिया में स्थिरता और विकास के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
आगे क्या होगा असर?
OCI प्रक्रिया आसान होने से भारतीय मूल के तमिलों को सीधा फायदा मिलेगा।
इसके अलावा हाउसिंग, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग से दोनों देशों के आम नागरिकों को लाभ मिलेगा और रिश्ते और मजबूत होंगे।
