दरभंगा शिक्षक छात्रा लापता मामला अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया है। दरभंगा शिक्षक छात्रा लापता घटना ने न सिर्फ शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि सामाजिक स्तर पर भी चिंता बढ़ा दी है। इस मामले में एक शिक्षक पर अपनी ही छात्रा के साथ लापता होने का आरोप लगा है, जिसके बाद प्रशासन और पुलिस दोनों सक्रिय हो गए हैं।
यह मामला दरभंगा जिले के गौड़ाबौराम प्रखंड स्थित राजकीय उच्च विद्यालय मनसारा से जुड़ा है, जहां कार्यरत शिक्षक पर उनकी पत्नी ने गंभीर आरोप लगाए हैं।
पत्नी ने लगाए गंभीर आरोप
शिक्षक की पत्नी ने प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को लिखित आवेदन देकर अपने पति पर चरित्रहीन आचरण, धोखाधड़ी और आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया है।
आवेदन के अनुसार, वर्ष 2016 में दोनों का विवाह हुआ था और करीब 10 वर्षों तक साथ रहने के बाद पिछले एक साल से शिक्षक ने संपर्क खत्म कर दिया।
पत्नी का कहना है कि जब उन्होंने जानकारी लेने की कोशिश की, तो उनके साथ दुर्व्यवहार और मारपीट की गई।
छात्रा के साथ लापता होने का आरोप
आरोप है कि शिक्षक ने विद्यालय के दौरान एक छात्रा को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले लिया। इसके बाद दोनों लापता हो गए।
इस मामले में छात्रा की मां ने घनश्यामपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
थानाध्यक्ष आलोक कुमार के अनुसार, शुरुआती जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही प्रतीत हो रहे हैं।
पुलिस जांच और तलाश जारी
पुलिस ने शिक्षक और छात्रा दोनों की तलाश तेज कर दी है। बताया जा रहा है कि दिसंबर 2025 से ही शिक्षक विद्यालय नहीं आ रहे हैं।
इस दौरान उन्होंने ‘नो वर्क, नो पे’ के तहत आवेदन भी दिया था। इससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
पुलिस अब दोनों के संभावित ठिकानों की जांच कर रही है और संबंधित लोगों से पूछताछ भी की जा रही है।
स्कूल प्रशासन की प्रतिक्रिया
विद्यालय के प्रधानाध्यापक शैलेश कुमार ने बताया कि आरोपी शिक्षक लंबे समय से अनुपस्थित हैं। उन्होंने विभाग को इसकी जानकारी भी दी थी।
प्रधानाध्यापक के अनुसार, संबंधित छात्रा अप्रैल माह में 18 वर्ष की हो चुकी है, लेकिन घटना के समय उसकी स्थिति को लेकर जांच की जा रही है।
स्कूल प्रशासन इस पूरे मामले में विभागीय निर्देशों का पालन कर रहा है।
शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने शिक्षा संस्थानों में सुरक्षा और नैतिक जिम्मेदारी को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में सख्त निगरानी और जवाबदेही तय करना जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
आगे क्या हो सकती है कार्रवाई?
मामले की गंभीरता को देखते हुए विभागीय और पुलिस स्तर पर जांच जारी है। दोषी पाए जाने पर आरोपी शिक्षक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की संभावना है।
साथ ही, शिक्षा विभाग भी इस मामले में अलग से जांच कर सकता है।
यह मामला न सिर्फ एक आपराधिक घटना है, बल्कि समाज और शिक्षा व्यवस्था के लिए चेतावनी भी है। अब सबकी नजर इस पर है कि जांच कितनी पारदर्शी होती है और दोषियों को कब तक सजा मिलती है।
