दरभंगा में Teacher Eloped with Student मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। इस Teacher Eloped with Student केस में आठवीं की छात्रा और उसका शिक्षक पिछले चार महीनों से लापता हैं, लेकिन पुलिस अब तक कोई ठोस सुराग नहीं जुटा पाई है। परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए तेजी से जांच की मांग की है।
यह मामला न सिर्फ कानून-व्यवस्था बल्कि सामाजिक और नैतिक पहलुओं पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, दरभंगा जिले के घनश्यामपुर क्षेत्र में एक शिक्षक दिसंबर 2025 में अपनी ही छात्रा के साथ फरार हो गया।
बताया जाता है कि दोनों के बीच पहले से संबंध थे। छात्रा की मां ने शिक्षक के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कराया है।
घटना के बाद से दोनों का कोई सुराग नहीं मिला है, जिससे परिवारों की चिंता लगातार बढ़ रही है।
पुलिस पर सुस्ती के आरोप
परिजनों का आरोप है कि पुलिस इस मामले में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखा रही है।
चार महीने बीत जाने के बाद भी न तो छात्रा की बरामदगी हो सकी है और न ही आरोपी शिक्षक की गिरफ्तारी हुई है।
परिवारों का कहना है कि लगातार शिकायत के बावजूद जांच की गति धीमी बनी हुई है।
शिक्षक की पत्नी का गंभीर आरोप
आरोपी शिक्षक की पत्नी ने भी इस मामले में कई चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं।
उन्होंने कहा कि उनके पति का व्यवहार पहले से ही संदिग्ध था और अन्य महिलाओं के साथ संबंधों को लेकर विवाद होते रहते थे।
पत्नी के मुताबिक, विरोध करने पर उनके साथ मारपीट भी की गई, जिसके बाद वह अलग रहने लगीं।
बालिग होने के बाद बढ़ी चिंता
इस मामले में एक नया मोड़ तब आया, जब अप्रैल 2026 में छात्रा 18 वर्ष की हो गई।
अब आरोपी शिक्षक की पत्नी को डर है कि उसका पति छात्रा से शादी कर सकता है और फिर वापस आकर नौकरी करने की कोशिश करेगा।
इसी आशंका के चलते पत्नी ने शिक्षा विभाग से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
स्कूल प्रशासन ने क्या कहा?
विद्यालय के प्रधानाध्यापक शैलेश कुमार के अनुसार, संबंधित शिक्षक दिसंबर 2025 से स्कूल से गायब हैं।
उन्होंने बताया कि शिक्षक ने ‘नो वर्क, नो पे’ का आवेदन दिया था और उसी समय एक छात्रा भी लापता हो गई।
स्कूल रिकॉर्ड के मुताबिक, छात्रा अब बालिग हो चुकी है, जिससे मामले की जटिलता और बढ़ गई है।
पुलिस का पक्ष
घनश्यामपुर थाना के प्रभारी आलोक कुमार ने बताया कि पुलिस लगातार दोनों की तलाश कर रही है।
उन्होंने कहा कि कई संभावित स्थानों पर छापेमारी की गई है, लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला है।
पुलिस का दावा है कि जांच जारी है और जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।
कानूनी और सामाजिक पहलू
यह मामला कई स्तरों पर गंभीर है।
एक ओर नाबालिग छात्रा के साथ संबंध और फरारी का आरोप है, वहीं दूसरी ओर बालिग होने के बाद कानूनी स्थिति बदल जाती है।
ऐसे मामलों में पुलिस और न्यायिक प्रक्रिया को बेहद सावधानी से आगे बढ़ाना होता है।
क्या उठते हैं बड़े सवाल?
- क्या स्कूलों में सुरक्षा और निगरानी पर्याप्त है?
- क्या पुलिस की जांच में तेजी लाने की जरूरत है?
- ऐसे मामलों में पीड़ित परिवार को कैसे राहत मिले?
ये सवाल इस केस को और महत्वपूर्ण बना देते हैं।
