औरंगाबाद में 11 शिक्षकों ने एक ही फोटो से हाजिरी लगाई, विभाग ने 48 घंटे में जवाब मांगा।

 


बिहार शिक्षक उपस्थिति मामला

बिहार में बिहार शिक्षक उपस्थिति मामला ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फरवरी 2026 की जांच में बिहार शिक्षक उपस्थिति मामला औरंगाबाद जिले में सामने आया, जहां 11 शिक्षकों ने इ-शिक्षाकोष पोर्टल पर नियमों का उल्लंघन किया। जांच में खुलासा हुआ कि कुछ शिक्षकों ने एक ही फोटो को कई दिनों तक अपलोड कर अपनी उपस्थिति दर्ज की। शिक्षा विभाग ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए सभी संबंधित शिक्षकों से 48 घंटे के भीतर जवाब मांगा है।

कैसे सामने आई गड़बड़ी

यह मामला तब उजागर हुआ जब शिक्षा विभाग ने फरवरी महीने की ऑनलाइन उपस्थिति का ऑडिट किया।

जांच में सामने आया कि:

  • कई शिक्षकों ने एक ही फोटो बार-बार अपलोड की
  • कुछ दिनों में उपस्थिति दर्ज ही नहीं की गई
  • पोर्टल के नियमों का पालन नहीं किया गया

इससे साफ है कि डिजिटल सिस्टम के बावजूद निगरानी में खामियां बनी हुई हैं।

किन-किन स्कूलों में मिली गड़बड़ी

जांच के दौरान कई सरकारी स्कूलों के नाम सामने आए हैं।

प्रमुख स्कूल:

  • मध्य विद्यालय खरंजा (सदर प्रखंड)
  • मध्य विद्यालय बेला और बाजितपुर (मदनपुर)
  • उत्क्रमित उच्च विद्यालय बेनी कैथी (गोह)
  • उच्च विद्यालय गणेशनगर मनिका
  • प्राथमिक विद्यालय कुशा और हसनबार फुदकी
  • उच्च विद्यालय बेरी और सागरपुर

इन सभी स्कूलों में उपस्थिति रिकॉर्ड में अनियमितता पाई गई।

एक ही फोटो से कैसे लगाई हाजिरी

जांच रिपोर्ट के अनुसार, कुछ शिक्षकों ने 14 फरवरी को ली गई एक फोटो को कई दिनों तक इस्तेमाल किया।

मुख्य तथ्य:

  • 17 से 28 फरवरी तक एक ही फोटो अपलोड की गई
  • 4 से 6 फरवरी और 23 से 27 फरवरी के बीच उपस्थिति दर्ज नहीं की गई
  • कई मामलों में नियमों की पूरी तरह अनदेखी की गई

यह तरीका डिजिटल सिस्टम को धोखा देने का प्रयास माना जा रहा है।

किन शिक्षकों से मांगा गया जवाब

शिक्षा विभाग ने 11 शिक्षकों और शिक्षिकाओं को नोटिस जारी किया है।

इनमें शामिल हैं:

  • अभिनव तिवारी
  • अभिषेक आनंद
  • अभिषेक सिंह
  • अल्पना भारती
  • अमरेंद्र कुमार
  • अमरेंद्र कुमार ज्ञानी
  • अरविंद कुमार
  • अनामिका कुमारी
  • आशिष कुमार
  • अभिजीत कुमार

सभी पर अलग-अलग स्तर की लापरवाही के आरोप हैं।

विभाग ने क्या कहा

शिक्षा विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सख्त रुख अपनाया है।

विभाग के अनुसार:

  • सभी शिक्षकों को 48 घंटे में जवाब देना होगा
  • संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कार्रवाई तय है
  • डिजिटल सिस्टम में पारदर्शिता जरूरी है

विभाग ने साफ किया कि इस तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

डिजिटल सिस्टम पर क्यों उठे सवाल

इ-शिक्षाकोष पोर्टल का उद्देश्य था कि उपस्थिति प्रक्रिया पारदर्शी और सटीक हो।

लेकिन इस मामले ने दिखाया कि:

  • सिस्टम का दुरुपयोग संभव है
  • निगरानी तंत्र को और मजबूत करने की जरूरत है
  • जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है

विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीक के साथ सख्त निगरानी भी जरूरी है।

आगे क्या होगी कार्रवाई

विभाग ने संकेत दिए हैं कि यह जांच आगे भी जारी रहेगी।

संभावित कार्रवाई:

  • दोषी शिक्षकों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई
  • वेतन कटौती या निलंबन
  • अन्य जिलों में भी जांच का विस्तार

इससे पूरे राज्य में शिक्षकों की कार्यप्रणाली पर असर पड़ सकता है।

Source: शिक्षा विभाग जांच रिपोर्ट

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