बिहार में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव को हटाया, जय सिंह को जिम्मेदारी


 

बिहार प्रशासनिक फेरबदल के तहत बड़ा निर्णय लेते हुए सरकार ने अहम बदलाव किया है। बिहार प्रशासनिक फेरबदल के बीच राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल को पद से हटा दिया गया है। इस फैसले के बाद विभाग में चल रही गतिविधियों और हड़ताल के मुद्दे पर नई चर्चा शुरू हो गई है।

सरकार ने सीके अनिल को ट्रांसफर कर बिहार राज्य योजना पर्षद में भेज दिया है, जबकि उनकी जगह जय सिंह को नई जिम्मेदारी दी गई है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है।

सीके अनिल का ट्रांसफर, जय सिंह को मिली कमान

राज्य सरकार ने 1991 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सीके अनिल को उनके पद से हटाकर योजना पर्षद में भेज दिया है। यह बदलाव अचानक हुआ, जिससे प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई।

उनकी जगह जय सिंह को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का नया प्रधान सचिव बनाया गया है। जय सिंह पहले इसी विभाग में सचिव के पद पर कार्यरत थे और विभागीय कामकाज से भली-भांति परिचित हैं।

हड़ताल बनी बड़ी वजह?

हालांकि सरकार ने इस ट्रांसफर की आधिकारिक वजह स्पष्ट नहीं की है, लेकिन माना जा रहा है कि विभाग में चल रही लंबी हड़ताल इसका प्रमुख कारण हो सकती है।

राजस्व कर्मचारी, पदाधिकारी और अंचलाधिकारी (सीओ) पिछले कुछ समय से अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। 8 मार्च से शुरू हुई यह हड़ताल अब तक पूरी तरह खत्म नहीं हो पाई है।

इस हड़ताल का सीधा असर विभाग के कामकाज पर पड़ा है, जिससे आम जनता को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है।

जनता के कामकाज पर पड़ा असर

राजस्व विभाग में काम ठप होने से जमीन निबंधन, दाखिल-खारिज और अन्य जरूरी सेवाएं प्रभावित हुई हैं। अंचल स्तर पर कई फाइलें लंबित हैं, जिससे लोगों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

सरकार के लिए यह स्थिति चुनौतीपूर्ण बन गई है, खासकर तब जब राज्य में अन्य महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्य भी चल रहे हैं।

पहले भी हुई थी कार्रवाई

पूर्व सरकार के दौरान भी हड़ताली कर्मचारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया गया था। तत्कालीन उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने कई बार चेतावनी दी और अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की।

इसके बाद कुछ अधिकारी काम पर लौटे, लेकिन बड़ी संख्या में कर्मचारी अब भी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। इससे विभाग में स्थिरता नहीं आ पाई है।

नई जिम्मेदारी, नई चुनौती

जय सिंह के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती विभाग में सामान्य कामकाज बहाल करना है। उन्हें न केवल हड़ताल खत्म कराने की दिशा में काम करना होगा, बल्कि लंबित मामलों को भी जल्द निपटाना होगा।

इसके अलावा, सरकार को भी कर्मचारियों की मांगों और प्रशासनिक जरूरतों के बीच संतुलन बनाना होगा।

मुख्यमंत्री के पास है विभाग

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग फिलहाल मुख्यमंत्री के पास ही है, जिससे इस फैसले को और अहम माना जा रहा है। यह बदलाव संकेत देता है कि सरकार विभागीय कार्यों को लेकर गंभीर है।

आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नया नेतृत्व किस तरह से स्थिति को संभालता है और क्या हड़ताल का समाधान निकल पाता है।

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