बंगाल-तमिलनाडु में चुनावी शोर चरम पर, आज थमेगा प्रचार


 

बंगाल और तमिलनाडु में बंगाल तमिलनाडु चुनाव प्रचार अपने चरम पर पहुंच गया है। इस बंगाल तमिलनाडु चुनाव प्रचार के अंतिम दिन राजनीतिक दल पूरी ताकत के साथ मैदान में हैं। Election Commission of India के निर्देश के अनुसार शाम 6 बजे प्रचार थम जाएगा, जिसके चलते सभी पार्टियां अंतिम समय में मतदाताओं तक पहुंचने के लिए रैलियों, रोड शो और जनसभाओं का सहारा ले रही हैं।

चुनाव के इस निर्णायक चरण में हर दल अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटा है।

अंतिम दिन प्रचार में झोंकी पूरी ताकत

पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु दोनों राज्यों में चुनाव प्रचार के अंतिम दिन माहौल काफी गरमाया हुआ है।

राजनीतिक दल मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए लगातार सभाएं और रोड शो कर रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि अंतिम दिन का प्रचार कई सीटों पर निर्णायक असर डाल सकता है।

बंगाल में सियासी मुकाबला तेज

पश्चिम बंगाल में Mamata Banerjee के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस जोरदार प्रचार कर रही है।

वहीं भाजपा के वरिष्ठ नेता और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री भी राज्य में सक्रिय हैं।

केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने कुल्टी में जनसभा को संबोधित करते हुए राज्य सरकार पर निशाना साधा।

कांग्रेस भी मैदान में सक्रिय

कांग्रेस के नेता Rahul Gandhi और Mallikarjun Kharge भी बंगाल में लगातार जनसभाएं कर रहे हैं।

उनका फोकस संगठन को मजबूत करने और मतदाताओं से सीधे जुड़ने पर है।

इससे चुनावी मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।

भाजपा नेताओं के रोड शो और रैलियां

भाजपा के कई बड़े नेता बंगाल के अलग-अलग क्षेत्रों में रोड शो कर रहे हैं।

Himanta Biswa Sarma ने बिष्णुपुर में रोड शो किया, जबकि Hema Malini ने जलपाईगुड़ी में प्रचार किया।

इन कार्यक्रमों के जरिए पार्टी मतदाताओं तक अपना संदेश पहुंचाने की कोशिश कर रही है।

तमिलनाडु में भी तेज हुआ प्रचार

तमिलनाडु में भी चुनाव प्रचार ने रफ्तार पकड़ ली है।

कोयंबटूर और तिरुचिरापल्ली में डीएमके और एआईएडीएमके उम्मीदवारों ने जोरदार प्रचार किया।

Piyush Goyal ने चेन्नई में एनडीए के समर्थन में प्रचार करते हुए गठबंधन की संभावनाओं पर भरोसा जताया।

आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी

चुनाव प्रचार के दौरान सभी दल एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं।

भाजपा ने डीएमके सरकार पर वंशवादी राजनीति का आरोप लगाया, जबकि एआईएडीएमके ने कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए।

इससे चुनावी माहौल और ज्यादा गरम हो गया है।

मतदान और मतगणना की तारीख

पश्चिम बंगाल में पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को होगा, जबकि दूसरा चरण 29 अप्रैल को तय है।

तमिलनाडु में 234 सदस्यीय विधानसभा के लिए 23 अप्रैल को ही वोट डाले जाएंगे।

दोनों राज्यों में मतगणना 4 मई को होगी, जिसके बाद नतीजे सामने आएंगे।

क्यों अहम है अंतिम दिन का प्रचार?

  • मतदाताओं को अंतिम संदेश देने का मौका
  • कमजोर सीटों पर फोकस बढ़ाना
  • गठबंधन और रणनीति को स्पष्ट करना
  • चुनावी माहौल को प्रभावित करना

यह सभी कारण अंतिम दिन के प्रचार को बेहद महत्वपूर्ण बनाते हैं।

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