बड़ा बयान: मांझी ने की नीतीश के 20 साल शासन की तारीफ, ‘जंगलराज खत्म’
Bihar Politics में एक अहम बयान सामने आया है। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 20 साल के शासनकाल की खुलकर सराहना की है। उन्होंने कहा कि Bihar Politics में पिछले दो दशकों के दौरान राज्य ने कई क्षेत्रों में बड़ी प्रगति की है। मांझी के मुताबिक, जिस बिहार को कभी ‘जंगलराज’ के नाम से जाना जाता था, वह आज विकास और सुशासन की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि इन 20 वर्षों में बिजली, सड़क, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिले हैं।
मांझी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब बिहार की राजनीति में विकास और शासन मॉडल को लेकर लगातार चर्चा हो रही है।
नीतीश कुमार के शासन को बताया ‘स्वर्ण युग’
जीतन राम मांझी ने अपने बयान में कहा कि गृह मंत्री द्वारा नीतीश कुमार के शासनकाल को बिहार का ‘स्वर्ण युग’ बताया जाना सही है।
उन्होंने कहा कि पिछले दो दशकों में राज्य ने कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है।
मांझी के अनुसार, पहले बिहार की पहचान कानून-व्यवस्था की समस्याओं और अव्यवस्था से जुड़ी रहती थी।
लेकिन अब राज्य विकास और प्रशासनिक सुधारों के लिए भी चर्चा में रहता है।
उनका कहना है कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में शासन व्यवस्था में स्थिरता आई है और कई नीतिगत फैसलों का सकारात्मक प्रभाव दिखाई दिया है।
बिजली व्यवस्था में बड़ा बदलाव
मांझी ने बिहार में बिजली आपूर्ति में हुए बदलाव को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
उन्होंने कहा कि पहले राज्य में बिजली की उपलब्धता बेहद सीमित थी।
उनके अनुसार, एक समय ऐसा था जब बिहार में लगभग 700 मेगावाट बिजली ही उपलब्ध होती थी।
आज यह आंकड़ा बढ़कर करीब 9,000 मेगावाट तक पहुंच गया है।
इस बदलाव से उद्योग, व्यापार और आम लोगों के जीवन में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।
ग्रामीण इलाकों तक बिजली पहुंचने से शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिली है।
सड़क और कनेक्टिविटी में सुधार
मांझी ने राज्य में सड़कों और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में हुए विकास का भी उल्लेख किया।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पहले गया से पटना का सफर करीब चार घंटे में पूरा होता था।
अब बेहतर सड़क नेटवर्क के कारण यह दूरी लगभग डेढ़ घंटे में तय हो जाती है।
उनके मुताबिक, सड़क निर्माण और बेहतर कनेक्टिविटी ने लोगों की आवाजाही आसान बनाई है।
इससे व्यापार, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी फायदा हुआ है।
महिला सशक्तिकरण को बताया बड़ी उपलब्धि
जीतन राम मांझी ने कहा कि नीतीश कुमार की सरकार ने महिलाओं को मुख्यधारा में लाने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं शुरू कीं।
उन्होंने खास तौर पर साइकिल योजना और ड्रेस योजना का जिक्र किया।
इन योजनाओं का उद्देश्य बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देना था।
मांझी के अनुसार, पहले कई लड़कियां सामाजिक और आर्थिक कारणों से स्कूल नहीं जा पाती थीं।
लेकिन इन योजनाओं के बाद बड़ी संख्या में लड़कियां स्कूल जाने लगीं।
उन्होंने कहा कि इन पहलों से लड़कियों में आत्मविश्वास बढ़ा और समाज में उनकी भागीदारी भी मजबूत हुई।
लोकतंत्र के चारों सदनों का हिस्सा बनने की इच्छा
मांझी ने नीतीश कुमार की राजनीतिक यात्रा का भी जिक्र किया।
उन्होंने बताया कि नीतीश कुमार की हमेशा यह इच्छा रही है कि वे लोकतंत्र की चारों प्रमुख संवैधानिक संस्थाओं का हिस्सा बनें।
इन संस्थाओं में शामिल हैं:
- विधानसभा
- विधान परिषद
- लोकसभा
- राज्यसभा
मांझी ने कहा कि नीतीश कुमार पहले तीन सदनों के सदस्य रह चुके हैं।
अब राज्यसभा की सदस्यता को उनके इस लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
लंबे राजनीतिक सफर में बेदाग छवि
मांझी ने यह भी कहा कि 20 वर्षों के लंबे शासनकाल के बावजूद नीतीश कुमार की छवि साफ-सुथरी रही है।
उन्होंने कहा कि इतने लंबे समय तक सत्ता में रहने के बाद भी उन पर भ्रष्टाचार का कोई बड़ा आरोप नहीं लगा।
मांझी के अनुसार, यह किसी भी राजनेता के लिए बड़ी बात होती है।
उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार का प्रशासनिक अनुभव और राजनीतिक समझ राज्य और देश के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।
बिहार की राजनीति में बयान का महत्व
विशेषज्ञों का मानना है कि मांझी का यह बयान बिहार की राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा सकता है।
बिहार में विकास, शासन मॉडल और राजनीतिक नेतृत्व को लेकर लगातार चर्चा होती रही है।
ऐसे में केंद्रीय मंत्री का यह बयान राजनीतिक विमर्श को नया आयाम दे सकता है।
हालांकि अलग-अलग राजनीतिक दल इस मुद्दे पर अपनी-अपनी राय रखते हैं।
फिर भी यह स्पष्ट है कि पिछले दो दशकों में बिहार के विकास और शासन को लेकर बहस लगातार जारी है।
Source: मीडिया रिपोर्ट