बिहार में बिजली उपभोक्ताओं के लिए बिहार बिजली बिल वसूली अभियान को लेकर अहम खबर सामने आई है। राज्य के ऊर्जा विभाग ने शनिवार को बिहार बिजली बिल वसूली अभियान के तहत बड़े बकायेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया है। पटना में हुई समीक्षा बैठक में अधिकारियों को कहा गया कि जिन उपभोक्ताओं का बिजली बिल लंबे समय से बकाया है, उनकी सूची अपडेट कर विशेष अभियान चलाया जाए। यह कार्रवाई पूरे राज्य में मार्च के अंत तक 200 करोड़ रुपये अतिरिक्त राजस्व जुटाने के लक्ष्य के साथ की जा रही है। अगर उपभोक्ता समय पर बकाया जमा नहीं करते हैं तो उनका बिजली कनेक्शन काटा जा सकता है और कानूनी कार्रवाई भी संभव है।
ऊर्जा विभाग के इस फैसले से हजारों ऐसे उपभोक्ताओं पर असर पड़ सकता है जिनका बिजली बिल लंबे समय से बकाया है।
ऊर्जा विभाग की बैठक में लिया गया अहम फैसला
राज्य में बिजली बिल की वसूली को लेकर शुक्रवार को पटना स्थित विद्युत भवन में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई।
इस बैठक की अध्यक्षता ऊर्जा सचिव और Bihar State Power Holding Company Limited के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक Manoj Kumar Singh ने की।
बैठक में बिजली बिल बकाया की स्थिति और वसूली की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि डिफॉल्टर उपभोक्ताओं की सूची नियमित रूप से अपडेट की जाए और वसूली की प्रक्रिया तेज की जाए।
ऊर्जा विभाग का कहना है कि समय पर बिल जमा नहीं होने से बिजली कंपनियों की वित्तीय स्थिति प्रभावित होती है और इसका असर पूरे बिजली वितरण तंत्र पर पड़ता है।
दोनों वितरण कंपनियों को दिया गया बड़ा लक्ष्य
ऊर्जा विभाग ने राज्य की दोनों प्रमुख बिजली वितरण कंपनियों को अतिरिक्त राजस्व जुटाने का लक्ष्य दिया है।
इनमें North Bihar Power Distribution Company Limited और South Bihar Power Distribution Company Limited शामिल हैं।
दोनों कंपनियों को मार्च के अंत तक 100-100 करोड़ रुपये की अतिरिक्त वसूली करने का निर्देश दिया गया है।
इसके लिए बड़े बकायेदारों की पहचान कर उनसे तुरंत बकाया राशि वसूलने की रणनीति बनाई गई है। अधिकारियों को कहा गया है कि ऐसे मामलों में तेजी से कार्रवाई की जाए ताकि तय समय सीमा के भीतर लक्ष्य पूरा किया जा सके।
बकायेदारों का कनेक्शन काटने की तैयारी
ऊर्जा विभाग ने स्पष्ट संकेत दिया है कि अगर उपभोक्ता समय पर अपना बिजली बिल जमा नहीं करते हैं तो कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
सबसे पहले बकायेदार उपभोक्ताओं को नोटिस दिया जाएगा। इसके बाद भी भुगतान नहीं होने पर बिजली कनेक्शन काटने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।
कुछ मामलों में कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है, खासकर उन उपभोक्ताओं के खिलाफ जिनका बकाया बहुत अधिक है।
विभाग का कहना है कि यह कदम ईमानदारी से बिल भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं के हित में उठाया जा रहा है।
डबल कनेक्शन वालों पर भी सख्त कार्रवाई
राज्य में बिजली चोरी और राजस्व नुकसान को रोकने के लिए इस बार विभाग ने नई रणनीति भी अपनाई है।
समीक्षा बैठक में “डबल कनेक्शन” यानी एक ही परिसर में अवैध तरीके से दो बिजली कनेक्शन चलाने वाले उपभोक्ताओं पर सख्त कार्रवाई का आदेश दिया गया है।
ऐसे मामलों की पहचान के लिए डिजिटल डेटा और तकनीकी विश्लेषण का उपयोग किया जा रहा है।
अगर जांच में कोई उपभोक्ता दोषी पाया जाता है तो उस पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है और कनेक्शन भी काटा जा सकता है।
ईमानदार उपभोक्ताओं को राहत देने की कोशिश
ऊर्जा विभाग का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य केवल वसूली करना नहीं बल्कि बिजली व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और संतुलित बनाना है।
जब बड़ी संख्या में उपभोक्ता बिजली बिल नहीं चुकाते हैं तो उसका आर्थिक बोझ अंततः बिजली वितरण कंपनियों पर पड़ता है।
इससे बिजली व्यवस्था की लागत बढ़ती है और इसका असर अन्य उपभोक्ताओं पर भी पड़ सकता है।
इसी कारण विभाग अब राजस्व नुकसान को रोकने के लिए प्रशासनिक और तकनीकी दोनों स्तरों पर सख्त कदम उठा रहा है।
उपभोक्ताओं के लिए क्या है संदेश
ऊर्जा विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपना बिजली बिल समय पर जमा करें।
अगर किसी उपभोक्ता के बिल में कोई समस्या या विवाद है तो वह संबंधित बिजली कार्यालय से संपर्क कर समाधान प्राप्त कर सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर बिल भुगतान करने से न केवल बिजली सेवा सुचारू रहती है बल्कि बिजली कंपनियों की वित्तीय स्थिति भी मजबूत होती है।
आने वाले दिनों में यह अभियान राज्य के सभी जिलों में तेज किया जा सकता है।
Source: ऊर्जा विभाग, बिहार / मीडिया रिपोर्ट्स