अक्षरा सिंह का बड़ा बयान: ज्योति का किया सपोर्ट, बोलीं- '10 करोड़ नहीं, 100…'

 भोजपुरी इंडस्ट्री में Akshara Singh News इस समय चर्चा में है। 14 फरवरी 2026 को पटना में मीडिया से बात करते हुए अक्षरा सिंह ने पवन सिंह और ज्योति सिंह के तलाक विवाद पर बड़ा बयान दिया। Akshara Singh News में उन्होंने साफ कहा कि शादी के बाद पत्नी का एलिमनी लेना उसका हक है। यह मामला आरा फैमिली कोर्ट में चल रहा है, जहां 11 फरवरी को सुनवाई हुई थी। सवाल है—क्या 10 करोड़ की मांग जायज है और इस पर इंडस्ट्री का रुख क्या रहेगा?

यह बयान ऐसे समय आया है जब पवन सिंह और उनकी पत्नी ज्योति सिंह के बीच कानूनी विवाद चर्चा में है।


तलाक केस में क्या है पूरा मामला?

भोजपुरी के पावरस्टार पवन सिंह और उनकी पत्नी ज्योति सिंह के बीच तलाक का मामला आरा स्थित फैमिली कोर्ट में विचाराधीन है।

11 फरवरी 2026 को ज्योति सिंह कोर्ट पहुंचीं, लेकिन पवन सिंह उपस्थित नहीं हुए। कुछ देर इंतजार के बाद वे लौट गईं।

अगली सुनवाई 24 फरवरी को तय की गई है।

कोर्ट में ज्योति सिंह ने कहा है कि वह पवन सिंह के साथ रहना चाहती हैं। अगर साथ नहीं रखना है, तो उन्हें गुजारा-भत्ता के तौर पर 10 करोड़ रुपये दिए जाएं।

यही मांग अब सार्वजनिक बहस का विषय बन चुकी है।


अक्षरा सिंह ने क्या कहा?

पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान अक्षरा सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा:

“अगर आपने शादी की है और किसी लड़की को अपने साथ ले गए हैं, तो जिम्मेदारी भी आपकी है। एक लड़की का हक बनता है कि वह एलिमनी ले। ज्योति सिंह अपनी जगह सही हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि 10 करोड़ या 20 करोड़ की बात नहीं है, बल्कि जो लड़की ने झेला है उसके हिसाब से 100 करोड़ भी कम हो सकते हैं।

उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।


पुराने रिश्ते भी चर्चा में

अक्षरा सिंह और पवन सिंह के बीच एक समय करीबी रिश्तों की खबरें रही हैं। दोनों ने कई फिल्मों में साथ काम किया।

बाद में दोनों के रिश्तों में दूरी आई और ब्रेकअप की खबरें सामने आईं।

अक्षरा पहले भी पवन सिंह पर खुलकर बोल चुकी हैं। ऐसे में उनका यह नया बयान एक बार फिर सुर्खियों में है।

हालांकि पवन सिंह की ओर से अब तक इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।


एलिमनी पर क्यों बढ़ी बहस?

एलिमनी यानी गुजारा-भत्ता भारतीय विवाह कानून का हिस्सा है।

जब शादी टूटती है, तो आर्थिक रूप से कमजोर पक्ष को सहायता देने का प्रावधान कानून में मौजूद है।

अक्षरा सिंह के बयान ने इस मुद्दे को सामाजिक बहस का रूप दे दिया है।

क्या बड़ी रकम की मांग उचित है? क्या यह कानूनी अधिकार है या भावनात्मक प्रतिक्रिया?

इन सवालों पर लोगों की राय बंटी हुई है।


आम लोगों पर क्या असर?

इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बड़ी चर्चा शुरू हो गई है।

कई लोग इसे महिलाओं के अधिकार से जोड़ रहे हैं, तो कुछ इसे अत्यधिक मांग बता रहे हैं।

इस फैसले से लोगों को यह सोचने पर मजबूर होना पड़ रहा है कि शादी केवल भावनात्मक रिश्ता नहीं, बल्कि कानूनी जिम्मेदारी भी है।

महिलाओं के आर्थिक अधिकार और वैवाहिक जिम्मेदारियों पर नई बहस छिड़ गई है।


आगे क्या होगा?

24 फरवरी की सुनवाई अब अहम मानी जा रही है।

कोर्ट में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अगला कानूनी कदम तय होगा।

अगर पवन सिंह कोर्ट में उपस्थित होते हैं तो मामला नए मोड़ पर जा सकता है।

इंडस्ट्री और फैंस दोनों की नजर अब इस सुनवाई पर टिकी है।


क्यों अहम है यह मामला?

यह केवल एक सेलिब्रिटी तलाक का केस नहीं है।

यह मामला महिलाओं के अधिकार, एलिमनी की सीमा और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे मुद्दों को सामने ला रहा है।

अक्षरा सिंह के बयान ने इसे और ज्यादा संवेदनशील बना दिया है।

आने वाले दिनों में यह विवाद कानूनी और सामाजिक दोनों स्तर पर चर्चा का केंद्र रह सकता है।


Source: मीडिया रिपोर्ट्स एवं कोर्ट संबंधित जानकारी

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Reporter: Ajit Kumar, Patna

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