तेज प्रताप यादव का बदला सियासी रुख: पीएम मोदी को 10 में 10, अखिलेश यादव से सवाल, तेजस्वी के करीबियों पर फिर निशाना

पटना:
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव एक बार फिर अपने बयानों को लेकर चर्चा में हैं। इस बार वजह उनका बदला हुआ राजनीतिक और वैचारिक रुख है। तेज प्रताप ने न सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खुलकर तारीफ की, बल्कि उन्हें उनके कार्यकाल के लिए 10 में से 10 नंबर भी दे दिए। वहीं, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर भी उन्होंने तीखे सवाल खड़े किए हैं।
पीएम मोदी और योगी आदित्यनाथ की तारीफ
एक इंटरव्यू के दौरान तेज प्रताप यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कामकाज की सराहना की। जब उनसे मोदी सरकार के प्रदर्शन को अंक देने के लिए कहा गया, तो उन्होंने बिना हिचक पूरे 10 नंबर दे दिए।
तेज प्रताप ने कहा कि धार्मिक आस्था और पूजा-पाठ उनके लिए अहम है और जो नेता इस पर विश्वास रखते हैं, वह उन्हें पसंद आते हैं। इसी क्रम में उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भी प्रशंसा की।
तेज प्रताप ने यह भी संकेत दिया कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा पहले से ही उनकी पसंदीदा नेताओं की सूची में शामिल हैं।
धीरेंद्र शास्त्री पर बयान, अखिलेश यादव से पूछा सवाल
धार्मिक कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री को लेकर चल रही राजनीतिक बहस पर तेज प्रताप यादव ने अलग ही रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि धार्मिक व्यक्ति समाज को जोड़ने का काम करता है, न कि तोड़ने का।
धीरेंद्र शास्त्री की पदयात्रा में शामिल होने के सवाल पर तेज प्रताप ने कहा कि अगर उन्हें बुलाया जाएगा, तो वे जरूर जाएंगे।
इसी मुद्दे पर अखिलेश यादव की ओर से की गई आलोचना पर तेज प्रताप ने पलटवार करते हुए कहा कि अखिलेश यादव के पास संसाधन कहां से आते हैं, यह भी एक सवाल है। उन्होंने इशारों-इशारों में उनकी जीवनशैली पर भी टिप्पणी की।
तेजस्वी यादव को लेकर क्या बोले तेज प्रताप?
अपने छोटे भाई और बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को लेकर तेज प्रताप ने भावनात्मक लेकिन साफ रुख रखा। उन्होंने कहा कि बड़े भाई होने के नाते वह सिर्फ तेजस्वी को आशीर्वाद दे सकते हैं।
तेज प्रताप ने स्पष्ट किया कि अब उनका रास्ता अलग है और उन्होंने अपनी अलग राजनीतिक लकीर खींच ली है।
आरजेडी को कम सीटें मिलने पर तेज प्रताप ने एक बार फिर पार्टी के अंदरूनी लोगों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने सीधे नाम लिए बिना तेजस्वी के करीबी नेताओं को ‘जयचंद’ कहकर निशाना साधा।
सियासी संकेत या नई रणनीति?
तेज प्रताप यादव के हालिया बयान बिहार की राजनीति में नए संकेत दे रहे हैं। मोदी और योगी की तारीफ, अखिलेश यादव पर सवाल और पार्टी के भीतर असंतोष—ये सभी बातें आने वाले समय में बड़े राजनीतिक बदलाव की ओर इशारा कर सकती हैं।