बिहार MLC चुनाव में RJD-कांग्रेस आमने-सामने, ऊपर से फिट-फाट, नीचे मोकामा घाट
📌 पटना और बिहार के सभी ज़िलों की ताज़ा ख़बरें सीधे अपने मोबाइल पर पाएं!
👉 WhatsApp से जुड़ेंबिहार MLC चुनाव से पहले राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और कांग्रेस के बीच सीटों को लेकर तालमेल का मामला चर्चा में है। बिहार MLC चुनाव में दोनों दलों ने कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में अपने-अपने उम्मीदवार उतारे हैं, जिससे गठबंधन के भीतर अलग-अलग रणनीतियां सामने आई हैं। 2 अक्टूबर की स्थिति में दोनों दल चार सीटों पर आमने-सामने बताए गए थे, हालांकि नामांकन की अंतिम तारीख से पहले सहमति की संभावना भी बनी हुई है।
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान होना है। इनमें चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। चुनाव कार्यक्रम के मुताबिक मतगणना 27 अक्टूबर को होगी।
किन सीटों पर RJD और कांग्रेस आमने-सामने?
2 अक्टूबर को सामने आई जानकारी के अनुसार RJD और कांग्रेस के बीच चार सीटों पर सीधा मुकाबला बनता दिख रहा था। इनमें पटना शिक्षक, पटना स्नातक, कोसी स्नातक और दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं।
पटना शिक्षक सीट से कांग्रेस ने संजय यादव को उम्मीदवार बनाया, जबकि RJD ने संजीव कुमार सिंह को मैदान में उतारा है।
पटना स्नातक सीट पर कांग्रेस के असदुल्ला खान और RJD के दिलीप कुमार के बीच मुकाबला है।
कोसी स्नातक सीट से कांग्रेस ने मनोज कुमार जायसवाल को टिकट दिया है। यहां RJD ने नितेश कुमार को उम्मीदवार बनाया है।
दरभंगा स्नातक सीट पर कांग्रेस के रजनीकांत पाठक और RJD के अनिल कुमार झा आमने-सामने हैं।
हालांकि, तस्वीर पूरी तरह अंतिम नहीं मानी जा सकती। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर है और उम्मीदवारों की वापसी की अंतिम तारीख 9 अक्टूबर निर्धारित है। ऐसे में गठबंधन के दोनों दलों के बीच अंतिम समय तक राजनीतिक बातचीत की गुंजाइश बनी हुई है।
कांग्रेस ने पांच उम्मीदवारों का ऐलान क्यों किया?
कांग्रेस ने आठ विधान परिषद सीटों के लिए पांच उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं। इनमें मदन मोहन झा को दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से फिर मौका दिया गया है।
इस सीट पर RJD ने उम्मीदवार नहीं उतारा है। इसलिए यहां कांग्रेस और RJD के बीच सीधा मुकाबला नहीं है। मदन मोहन झा का मुकाबला अन्य दलों और उम्मीदवारों से होना है।
कांग्रेस की ओर से पटना शिक्षक, पटना स्नातक, कोसी स्नातक और दरभंगा स्नातक सीटों पर घोषित उम्मीदवारों का सामना RJD के प्रत्याशियों से हो रहा है। यही वजह है कि गठबंधन की सीट-समझौता रणनीति को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हुई है।
RJD-कांग्रेस में मतभेद की वजह क्या है?
रिपोर्टों के मुताबिक RJD ने पहले आठ में से छह सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित किए थे। कांग्रेस की ओर से इस बात पर आपत्ति जताई गई कि उम्मीदवारों की घोषणा गठबंधन के भीतर पर्याप्त समन्वय के बिना की गई।
इसके बाद कांग्रेस ने भी अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए। इससे उन सीटों पर दोनों दलों के प्रत्याशी एक-दूसरे के सामने आ गए, जहां दोनों पार्टियां व्यापक विपक्षी गठबंधन का हिस्सा हैं।
कांग्रेस के लिए यह मामला केवल सीटों की संख्या तक सीमित नहीं है। पार्टी के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं की राजनीतिक मौजूदगी भी इन निर्वाचन क्षेत्रों में जुड़ी हुई है। वहीं RJD बिहार में अपने संगठन और चुनावी आधार के हिसाब से अधिक सीटों पर दावेदारी रखता रहा है।
यही वजह है कि सीट बंटवारे पर सहमति नहीं बनने की स्थिति में दोनों दल अलग-अलग उम्मीदवार उतारने की रणनीति अपना रहे हैं।
क्या इसे गठबंधन की ‘फ्रेंडली फाइट’ कहा जा रहा है?
RJD और कांग्रेस से जुड़े नेताओं की ओर से इन मुकाबलों को ‘फ्रेंडली फाइट’ कहा गया है। इसका अर्थ यह है कि दोनों दल व्यापक राजनीतिक गठबंधन में बने रहते हुए किसी खास सीट पर अलग-अलग उम्मीदवारों के साथ चुनाव लड़ रहे हैं।
हालांकि, चुनावी मैदान में दोनों प्रत्याशी जीत के लिए ही वोट मांगेंगे। इसलिए यह मुकाबला गठबंधन के भीतर राजनीतिक ताकत और संगठनात्मक प्रभाव के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में भी विपक्षी गठबंधन के घटक दलों के उम्मीदवार कई सीटों पर एक-दूसरे के खिलाफ मैदान में आए थे। उस अनुभव के बाद MLC चुनाव में फिर ऐसी स्थिति बनना गठबंधन के भीतर सीट तालमेल की चुनौती को सामने लाता है।
MLC चुनाव में जन सुराज और NDA की भी नजर
बिहार विधान परिषद की इन आठ सीटों पर केवल RJD और कांग्रेस के बीच मुकाबला नहीं है। BJP और JD(U) समेत अन्य दलों ने भी अपने उम्मीदवार उतारे हैं।
BJP ने चार सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा की है। वहीं अन्य राजनीतिक दल और स्वतंत्र उम्मीदवार भी चुनाव मैदान में हैं। इससे कई निर्वाचन क्षेत्रों में मुकाबला बहुकोणीय हो सकता है।
जन सुराज पार्टी भी इन चुनावों में सक्रिय है। ऐसे में RJD और कांग्रेस के बीच अलग-अलग उम्मीदवार उतरने से कई सीटों पर चुनावी समीकरण और अधिक प्रतिस्पर्धी हो सकते हैं।
हालांकि, यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि इसका अंतिम परिणाम क्या होगा। उम्मीदवारों के नामांकन, वापसी और चुनाव प्रचार के बाद ही तस्वीर और स्पष्ट होगी।
कब होगा बिहार MLC चुनाव?
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम इस प्रकार है:
- नामांकन की अंतिम तारीख: 6 अक्टूबर 2026
- नामांकन पत्रों की जांच: 7 अक्टूबर 2026
- नाम वापसी की अंतिम तारीख: 9 अक्टूबर 2026
- मतदान: 23 अक्टूबर 2026
- मतगणना: 27 अक्टूबर 2026
इन आठ सीटों में चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र हैं। स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में संबंधित पात्रता रखने वाले पंजीकृत मतदाता मतदान करते हैं, जबकि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए अलग निर्धारित मतदाता सूची होती है।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि नामांकन की प्रक्रिया पूरी होने तक RJD और कांग्रेस अपने-अपने उम्मीदवारों के साथ मैदान में रहते हैं या कुछ सीटों पर आपसी सहमति बनती है। 6 अक्टूबर के बाद तस्वीर काफी हद तक साफ हो जाएगी।
