पटना MLC अनुज सिंह पर आरोप, प्रशांत किशोर ने बताई टिकट की शर्त
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👉 WhatsApp से जुड़ेंबिहार की राजनीति में अनुज सिंह को लेकर नया विवाद सामने आया है। पटना स्नातक एमएलसी सीट से जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार अनुज सिंह पर लड़की से छेड़छाड़ के आरोप लगाए गए हैं। अनुज सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक साजिश बताया है। इस बीच प्रशांत किशोर ने कहा है कि यदि उनके खिलाफ गंभीर आरोपों के ठोस सबूत सामने आते हैं, तो पार्टी उनकी उम्मीदवारी वापस ले सकती है।
मामले ने इसलिए भी चर्चा बढ़ा दी है क्योंकि जन सुराज पहले भी आरोपों के बाद अपने कुछ एमएलसी उम्मीदवार बदल चुकी है। दूसरी ओर, अनुज सिंह को जेडीयू नेता अनंत सिंह के समर्थन की बात भी सामने आई है।
अनुज सिंह ने आरोपों को बताया राजनीतिक साजिश
अनुज सिंह ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि वर्ष 2022 में उनके खिलाफ एक एडिटेड वीडियो वायरल किया गया था, जिसे उन्होंने फर्जी बताया था।
अनुज के मुताबिक, वीडियो तैयार करने वाले व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी। उन्होंने दावा किया कि इस मामले में संबंधित व्यक्ति को करीब दो महीने जेल में रहना पड़ा था।
उन्होंने नवादा में दर्ज एक अन्य मामले को भी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता से जोड़ते हुए कहा कि उन्हें इस मामले में जमानत मिल चुकी है। अनुज सिंह ने यह भी कहा कि वह अपनी जिंदगी में कभी जेल नहीं गए हैं।
हालांकि, मामले से जुड़े आरोप और कानूनी स्थिति अदालत की प्रक्रिया का विषय हैं। इसलिए आरोपों को अंतिम रूप से साबित तथ्य के तौर पर देखना उचित नहीं होगा।
प्रशांत किशोर ने क्या कहा?
अनुज सिंह पर आरोप सामने आने के बाद जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने पार्टी का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी गंभीर आपराधिक मामलों में आरोपित व्यक्ति को केवल चुनाव जीतने के लिए टिकट नहीं देगी।
प्रशांत किशोर के मुताबिक, अगर जांच या न्यायिक प्रक्रिया के दौरान अनुज सिंह के खिलाफ ठोस और गंभीर सबूत सामने आते हैं, तो पार्टी उनकी उम्मीदवारी पर दोबारा विचार करेगी।
उन्होंने पहले के मामलों का उदाहरण भी दिया। पार्टी ने तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भूषण झा से जुड़े आरोप सामने आने के बाद उम्मीदवार बदलने का फैसला किया था। इसी तरह दरभंगा स्नातक सीट पर रवींद्र यादव की जगह डॉ. नूरानी को उम्मीदवार बनाए जाने की बात भी सामने आई थी।
इससे यह स्पष्ट है कि फिलहाल अनुज सिंह की उम्मीदवारी को लेकर अंतिम फैसला आरोपों की पुष्टि या उपलब्ध सबूतों के आधार पर होने की बात कही जा रही है।
पप्पू यादव के बयान पर अनुज का जवाब
पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने भी अनुज सिंह को लेकर सार्वजनिक बयान दिया था। रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने अनुज पर गंभीर आरोप लगाए और उनके जेल जाने का दावा किया।
अनुज सिंह ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया। उनका कहना है कि उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोप राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित हैं और उनके बारे में गलत जानकारी फैलाई जा रही है।
यहां दोनों पक्षों के दावों में अंतर है। ऐसे में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए आधिकारिक रिकॉर्ड और न्यायिक प्रक्रिया से सामने आने वाली जानकारी अधिक महत्वपूर्ण होगी।
अनंत सिंह ने अनुज सिंह को दिया समर्थन
पटना स्नातक एमएलसी चुनाव में एक और राजनीतिक घटनाक्रम ने मुकाबले को चर्चा में ला दिया है। जेडीयू विधायक अनंत सिंह ने जन सुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह को समर्थन देने की बात कही है।
रिपोर्टों के अनुसार, अनंत सिंह अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार नीरज कुमार के खिलाफ अनुज सिंह के समर्थन में प्रचार करने की बात कह चुके हैं।
पटना स्नातक सीट पर अनुज सिंह का मुकाबला जेडीयू के नीरज कुमार से माना जा रहा है। ऐसे में किसी प्रमुख राजनीतिक चेहरे का समर्थन चुनावी समीकरणों को लेकर चर्चा का विषय बन गया है।
पटना स्नातक एमएलसी चुनाव का कार्यक्रम
पटना स्नातक विधान परिषद सीट समेत बिहार की आठ एमएलसी सीटों के लिए चुनावी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 7 अक्टूबर है।
मतदान 23 अक्टूबर को प्रस्तावित है, जबकि मतगणना के बाद 27 अक्टूबर को परिणाम घोषित किए जाने की तारीख तय है।
अनुज सिंह के 1 अक्टूबर को नामांकन दाखिल करने की बात कही गई है। हालांकि, उनके खिलाफ लगे आरोपों के बीच प्रशांत किशोर के बयान ने उम्मीदवार को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज कर दी है।
आगे क्या होगा?
फिलहाल तीन बातें महत्वपूर्ण हैं—अनुज सिंह के खिलाफ लगे आरोपों की कानूनी स्थिति, सामने आने वाले दस्तावेज या सबूत और जन सुराज का अंतिम फैसला।
प्रशांत किशोर ने सार्वजनिक रूप से यह संकेत दिया है कि ठोस सबूत सामने आने पर उम्मीदवार बदला जा सकता है। वहीं अनुज सिंह आरोपों को राजनीतिक साजिश बता रहे हैं और अपनी उम्मीदवारी पर कायम हैं।
इसलिए अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि जन सुराज पटना स्नातक सीट पर उम्मीदवार बदलेगी या नहीं। अंतिम स्थिति पार्टी के फैसले और संबंधित मामले में सामने आने वाली आधिकारिक जानकारी पर निर्भर करेगी।
