पटना में ‘आशीर्वाद का दीया’ पर सियासत तेज, विपक्ष ने उठाए सवाल

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पटना में आशीर्वाद का दीया कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन पर बड़े स्तर पर आयोजित किया गया। आशीर्वाद का दीया के तहत जेपी गंगा पथ यानी मरीन ड्राइव समेत कई स्थानों पर दीप प्रज्वलित किए गए। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया। आयोजन के बाद बिहार की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया।

17 सितंबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर बिहार में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। पटना में मरीन ड्राइव, पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और अन्य स्थानों पर दीप जलाए गए।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जेपी गंगा पथ पर दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुए।

मरीन ड्राइव पर हजारों दीयों से रोशन हुआ गंगा पथ

पटना के जेपी गंगा पथ पर आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में दीप जलाए गए। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दीप प्रज्वलित किया और आयोजन में मौजूद लोगों का अभिवादन स्वीकार किया।

कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री समेत कई मंत्री, पदाधिकारी और पार्टी से जुड़े लोग भी मौजूद रहे। आयोजन को ‘सेवा संकल्प अभियान’ से जोड़ा गया था।

इसके अलावा पटना के दूसरे स्थानों पर भी प्रधानमंत्री के जन्मदिन के अवसर पर दीप प्रज्वलन कार्यक्रम आयोजित किए गए। बिहार के कई जिलों में भी इस तरह के कार्यक्रम होने की जानकारी सामने आई है।

CJP नेता सौरव दास ने वीडियो शेयर कर कसा तंज

कार्यक्रम को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP की ओर से भी प्रतिक्रिया आई। पार्टी के प्रमुख नेता सौरव दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो शेयर किया।

वीडियो में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को दीपोत्सव कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए दिखाया गया। वीडियो शेयर करते हुए सौरव दास ने अंग्रेजी में “Buffoonery pro max!” लिखा। इसका आशय उन्होंने आयोजन पर तीखी आलोचना के तौर पर व्यक्त किया।

इस प्रतिक्रिया के बाद सोशल मीडिया पर भी कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक बहस तेज हुई। हालांकि, आयोजन के समर्थकों और आलोचकों के नजरिए अलग-अलग हैं।

RJD ने बाढ़ के बीच आयोजन पर उठाए सवाल

राष्ट्रीय जनता दल की ओर से भी कार्यक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया सामने आई। पार्टी की राष्ट्रीय मीडिया पैनलिस्ट प्रियंका भारती ने मुख्यमंत्री का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करते हुए आयोजन की आलोचना की।

उन्होंने बिहार में बाढ़ की स्थिति का उल्लेख करते हुए सवाल उठाया कि ऐसे समय में प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर बड़े स्तर पर दीप प्रज्वलन क्यों किया जा रहा है। उनके बयान में आयोजन पर खर्च को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।

आरजेडी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने भी ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने इसे “जबरदस्ती का हैप्पी बर्थडे” बताते हुए दावा किया कि सरकारी तंत्र के जरिए लोगों और शिक्षकों को कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जिम्मेदारी दी गई।

100 करोड़ रुपये के खर्च का दावा, सरकार के आयोजन पर बहस

इस विवाद का सबसे बड़ा मुद्दा कार्यक्रम पर कथित खर्च को लेकर है। तेजस्वी यादव ने दावा किया कि प्रधानमंत्री के जन्मदिन से जुड़े दीप प्रज्वलन कार्यक्रम पर करीब 100 करोड़ रुपये सरकारी खजाने से खर्च किए जा रहे हैं।

यह आंकड़ा फिलहाल तेजस्वी यादव द्वारा लगाए गए आरोप के रूप में सामने आया है। उपलब्ध रिपोर्टों में इसे सरकार द्वारा आधिकारिक रूप से पुष्टि किए गए खर्च के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है। इसलिए 100 करोड़ रुपये के आंकड़े को तथ्य के बजाय राजनीतिक दावा मानकर देखा जाना चाहिए।

तेजस्वी यादव ने बिहार में बाढ़ प्रभावित लोगों की स्थिति का हवाला देते हुए सरकार की प्राथमिकताओं पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राज्य में बड़ी संख्या में लोग बाढ़ से प्रभावित हैं और ऐसे समय में सरकारी संसाधनों के इस्तेमाल को लेकर जवाबदेही जरूरी है।

शिक्षकों की ड्यूटी को लेकर भी उठा विवाद

कार्यक्रम से पहले बिहार के कुछ जिलों में शैक्षणिक संस्थानों और सरकारी परिसरों में दीप जलाने से जुड़े प्रशासनिक निर्देशों की रिपोर्ट सामने आई थी।

आरजेडी ने इन्हीं निर्देशों को आधार बनाकर आरोप लगाया कि शिक्षकों और सरकारी कर्मचारियों को भी कार्यक्रम में जिम्मेदारी दी गई। तेजस्वी यादव ने दावा किया कि शिक्षकों को शाम के समय दीप जलाने के लिए कहा गया था।

हालांकि, इन आरोपों और संबंधित प्रशासनिक निर्देशों को अलग-अलग जिलों के संदर्भ में देखना जरूरी है। उपलब्ध रिपोर्टों में कुछ जिलों में प्रशासनिक तैयारियों और निर्देशों की जानकारी दी गई है, जबकि विपक्ष ने इसे राजनीतिक आयोजन से जोड़कर आलोचना की है।

आयोजन बनाम राजनीतिक विरोध, अब मुद्दा चर्चा में

‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन और सेवा संकल्प अभियान से जुड़ा आयोजन था। बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इसमें सार्वजनिक रूप से हिस्सा लिया और पटना में दीप प्रज्वलित किया।

दूसरी ओर, आरजेडी, सीजेपी और महागठबंधन से जुड़े नेताओं ने आयोजन की टाइमिंग, कथित सरकारी खर्च और प्रशासनिक तंत्र की भागीदारी पर सवाल उठाए हैं।

इस पूरे विवाद में फिलहाल दो अलग-अलग पक्ष सामने हैं। एक तरफ आयोजन को सेवा संकल्प और प्रधानमंत्री के जन्मदिन से जुड़ा कार्यक्रम बताया गया है, जबकि विपक्षी दलों ने बाढ़ की स्थिति को देखते हुए इसकी प्राथमिकता और खर्च पर सवाल उठाए हैं।

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