नालंदा में 28 हजार रिश्वत लेते BCO गिरफ्तार, विजिलेंस का ट्रैप

📌 पटना और बिहार के सभी ज़िलों की ताज़ा ख़बरें सीधे अपने मोबाइल पर पाएं!

👉 WhatsApp से जुड़ें


 

नालंदा में BCO रिश्वत लेने के मामले में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई की है। करायपरसुराय प्रखंड में तैनात सहकारिता प्रसार पदाधिकारी संतोष कुमार को 28 हजार रुपये लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया। BCO रिश्वत मामले में कार्रवाई एक शिकायत के सत्यापन के बाद की गई, जिसमें सहकारी समिति के प्रबंधक का कार्यभार सौंपने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के बदले रकम मांगने का आरोप लगाया गया था। निगरानी टीम ने पहले से तैयार ट्रैप के तहत अधिकारी को पकड़ा और उसके पास से पूरी रकम बरामद की।

पैक्स प्रबंधक का प्रभार देने से जुड़ा है मामला

रिपोर्टों के अनुसार, मामला नालंदा के करायपरसुराय प्रखंड की सांध पंचायत से जुड़ा है। सांध गांव के निवासी अभिषेक कुमार को सहकारी समिति के प्रबंधक का कार्यभार सौंपा जाना था।

अभिषेक कुमार का आरोप था कि कार्यभार सौंपने की प्रक्रिया लंबे समय से आगे नहीं बढ़ रही थी। शिकायत के मुताबिक, करीब दो वर्षों से उन्हें प्रभार और संबंधित कागजात की प्रक्रिया के लिए टालमटोल का सामना करना पड़ रहा था।

मामला आगे बढ़ने के बाद अभिषेक कुमार ने इसकी शिकायत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो से की। रिपोर्टों के मुताबिक, शिकायत मिलने के बाद निगरानी टीम ने पहले आरोपों का सत्यापन कराया।

शिकायत के बाद निगरानी ने बिछाया जाल

निगरानी विभाग ने शिकायत की जांच के बाद ट्रैप की योजना बनाई। टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, रिश्वत की मांग से संबंधित शिकायत में जांच रिपोर्ट और प्रभार रिपोर्ट की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए रकम मांगने का आरोप था। शिकायत के सत्यापन में प्रथमदृष्टया रिश्वत मांगने से संबंधित साक्ष्य मिलने के बाद केस दर्ज किया गया।

इसके बाद डीएसपी स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में धावा दल गठित किया गया। टीम ने शिकायतकर्ता को निर्धारित योजना के अनुसार अधिकारी के पास भेजा।

निगरानी टीम के सदस्य आसपास सादे कपड़ों में मौजूद रहे, ताकि कार्रवाई के दौरान आरोपी अधिकारी को रिश्वत की रकम लेते हुए पकड़ा जा सके।

28 हजार रुपये लेते ही टीम ने पकड़ा

23 सितंबर को तय योजना के अनुसार अभिषेक कुमार ने संतोष कुमार को 28 हजार रुपये दिए। रिपोर्टों के मुताबिक, निगरानी टीम ने इस रकम को केमिकल लगे नोटों के रूप में उपलब्ध कराया था।

जैसे ही रकम अधिकारी के पास पहुंची, आसपास मौजूद निगरानी टीम ने कार्रवाई कर दी। संतोष कुमार को मौके पर ही पकड़ लिया गया। तलाशी के दौरान उनके पास से रिश्वत की पूरी 28 हजार रुपये की रकम बरामद होने की बात सामने आई है।

इस कार्रवाई के बाद निगरानी टीम आरोपी अधिकारी को अपने साथ पटना ले गई। वहां उनसे आगे की पूछताछ और कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

आगे क्या होगी कानूनी कार्रवाई?

गिरफ्तारी के बाद निगरानी विभाग आरोपी अधिकारी से पूछताछ कर रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक, पूछताछ पूरी होने के बाद संतोष कुमार को पटना स्थित विशेष निगरानी अदालत में पेश किया जाएगा। मामले में आगे की जांच भी जारी रहेगी।

यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी आरोप या जांच का हिस्सा होती है। मामले में अंतिम कानूनी स्थिति अदालत की कार्यवाही और जांच के निष्कर्षों के आधार पर तय होगी।

करायपरसुराय प्रखंड कार्यालय में मचा हड़कंप

बीसीओ की गिरफ्तारी की खबर सामने आने के बाद करायपरसुराय प्रखंड कार्यालय और सहकारिता विभाग से जुड़े लोगों के बीच चर्चा तेज हो गई। निगरानी की कार्रवाई के कारण कार्यालय परिसर में भी हलचल देखने को मिली।

सरकारी कामकाज से जुड़े मामलों में रिश्वत की शिकायत मिलने पर निगरानी अन्वेषण ब्यूरो शिकायत का सत्यापन करने के बाद ट्रैप कार्रवाई करता है। इस मामले में भी शिकायत, सत्यापन और फिर पूर्व निर्धारित योजना के तहत गिरफ्तारी की प्रक्रिया अपनाई गई।

शिकायतकर्ता ने क्यों ली निगरानी की मदद?

मामले की शुरुआत उस समय हुई जब अभिषेक कुमार ने आरोप लगाया कि सहकारी समिति के प्रबंधक का कार्यभार सौंपने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ रही है।

उन्होंने पहले स्थानीय प्रशासनिक स्तर पर भी आवेदन दिया था। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, हिलसा अनुमंडल पदाधिकारी की ओर से मामले की जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया था। इसके बाद रिश्वत की कथित मांग को लेकर निगरानी विभाग में शिकायत की गई।

निगरानी विभाग द्वारा शिकायत का सत्यापन किए जाने के बाद ही ट्रैप की कार्रवाई की गई। इससे मामले में शिकायतकर्ता के आरोप और निगरानी कार्रवाई के बीच की प्रक्रिया स्पष्ट होती है।

28 हजार की रकम से जुड़ी कार्रवाई पर नजर

नालंदा के इस मामले में अब जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर नजर रहेगी। निगरानी टीम ने जिस रकम के साथ बीसीओ को पकड़ा है, वह कथित तौर पर प्रभार सौंपने से जुड़ी प्रक्रिया के लिए मांगी गई थी।

फिलहाल संतोष कुमार की गिरफ्तारी हो चुकी है और उनसे पूछताछ की जा रही है। आगे जांच में शिकायत से जुड़े दस्तावेज, विभागीय रिकॉर्ड और अन्य तथ्यों की भी जांच की जा सकती है।

मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और अदालत की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

🛍️ ऑनलाइन शॉपिंग करें
Amazon, Flipkart, Myntra और AJIO पर खरीदारी करें
यहाँ से खरीदारी करने पे एक्स्ट्रा डिस्काउंट मिल सकता है।
Next Post Previous Post
"ताज़ा ख़बरें पाएं"
1