जमुई कांड: नंदन यादव के पिता गनौरी 23 साल पुराने डबल मर्डर में गिरफ्तार
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👉 WhatsApp से जुड़ेंजमुई कांड की जांच आगे बढ़ी तो करीब 23 साल पुराना एक हत्याकांड भी सामने आ गया। जमुई कांड में आरोपी नंदन यादव की तलाश के दौरान पुलिस को उसके पिता गनौरी यादव के खिलाफ दर्ज पुराने केस की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने गनौरी यादव को वर्ष 2003 के दोहरे हत्याकांड में गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक, गनौरी यादव अप्रैल 2003 में प्रतापपुर गांव में दो भाइयों की हत्या के मामले में नामजद आरोपियों में शामिल था और लंबे समय से फरार चल रहा था। गिरफ्तारी के बाद उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।
नंदन यादव की तलाश में खुला 23 साल पुराना मामला
जमुई के मड़वा गांव में नाबालिग छात्रा से कथित बदसलूकी और उसके साथी के साथ मारपीट के मामले में पुलिस मुख्य आरोपी नंदन यादव की तलाश कर रही थी।
नंदन की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसके परिवार और उससे जुड़े लोगों की पृष्ठभूमि की भी जांच की। इसी दौरान गनौरी यादव के खिलाफ दर्ज पुराने हत्या मामले की जानकारी सामने आई।
पुलिस के अनुसार, गनौरी यादव 2003 के मामले में पहले से नामजद था और मुकदमे की प्रक्रिया के दौरान फरार हो गया था। इसके बाद उसकी गिरफ्तारी लंबित थी।
जमुई के एसपी विश्वजीत दयाल ने बताया कि पुराने मामले में गनौरी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी और वह ट्रायल के दौरान फरार हो गया था।
3 अप्रैल 2003 को क्या हुआ था?
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 3 अप्रैल 2003 को जमुई के प्रतापपुर गांव में दो सगे भाइयों डीपी यादव और पुणे यादव की हत्या हुई थी।
रिपोर्टों में बताया गया है कि हत्या का मामला ठेकेदारी से जुड़े विवाद के बाद सामने आया था। घटना के बाद मृतकों की मां संसारी देवी ने टाउन थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
उस FIR में गनौरी यादव समेत कुल 11 लोगों को आरोपी बनाया गया था। यानी यह मामला किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं था, बल्कि इसमें कई नाम सामने आए थे।
पुलिस के अनुसार, इस केस में कुछ अन्य आरोपियों के खिलाफ अदालत की कार्रवाई आगे बढ़ चुकी थी, जबकि गनौरी यादव लंबे समय तक पुलिस की पकड़ से बाहर रहा।
23 साल से न्याय की उम्मीद में था परिवार
पुराने हत्याकांड में अपने दो बेटों को खोने वाली संसारी देवी का परिवार वर्षों से न्याय की प्रक्रिया का इंतजार कर रहा था।
रिपोर्टों के मुताबिक, गनौरी यादव की गिरफ्तारी की खबर सामने आने के बाद परिवार की पुरानी पीड़ा फिर चर्चा में आ गई। संसारी देवी ने अपने बेटों को खोने का दर्द आज भी नहीं भुलाया है।
इतने लंबे समय के बाद एक नामजद आरोपी की गिरफ्तारी से परिवार को मामले में आगे कानूनी कार्रवाई की उम्मीद जगी है।
हालांकि, इस केस में अन्य आरोपियों की मौजूदा स्थिति और आगे की कानूनी प्रक्रिया अलग-अलग स्तर पर तय होगी। इसलिए गिरफ्तारी को अंतिम दोषसिद्धि नहीं माना जा सकता।
गनौरी यादव की गिरफ्तारी के बाद क्या हुआ?
पुलिस ने गनौरी यादव को पुराने हत्या मामले में गिरफ्तार किया और उसे अदालत के सामने पेश किया।
उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। अब पुराने मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया अदालत के स्तर पर चलेगी।
पुलिस की ओर से यह भी कहा गया है कि गनौरी यादव की गिरफ्तारी के बाद उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और केस से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।
इस मामले की सबसे अहम बात यह है कि गिरफ्तारी करीब 23 साल पुराने केस में हुई है। इससे यह सवाल भी सामने आता है कि लंबे समय से फरार चल रहे आरोपियों तक पुलिस की पहुंच कैसे सुनिश्चित की जाए।
क्या नंदन और गनौरी के मामलों का आपस में संबंध है?
दोनों मामले कानूनी रूप से अलग हैं।
नंदन यादव पर मौजूदा जमुई मामले में आरोप हैं, जबकि उसके पिता गनौरी यादव की गिरफ्तारी 2003 में दर्ज दोहरे हत्याकांड के मामले में हुई है।
पुलिस को दोनों मामलों के बीच सीधा अपराध संबंध साबित करना अभी बाकी है। फिलहाल इतना सामने आया है कि नंदन की तलाश और उसके परिवार की जांच के दौरान गनौरी के पुराने मामले की जानकारी पुलिस के सामने आई।
इसलिए सोशल मीडिया पर चल रहे “बाप-बेटे की एक जैसी कहानी” जैसे दावों को कानूनी तथ्य के रूप में देखना उचित नहीं होगा। किसी व्यक्ति की आपराधिक जिम्मेदारी अदालत में उपलब्ध साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर तय होती है।
23 साल बाद गिरफ्तारी से क्या बदलेगा?
गनौरी यादव की गिरफ्तारी से 2003 के दोहरे हत्याकांड की कानूनी प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम जरूर जुड़ा है।
अब अदालत के सामने पुराने मामले से जुड़े रिकॉर्ड, आरोप और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। पीड़ित परिवार की वर्षों पुरानी न्याय की उम्मीद भी इसी प्रक्रिया से जुड़ी है।
इस पूरे घटनाक्रम में एक बात साफ है—एक मौजूदा मामले की जांच के दौरान पुलिस के सामने 23 साल पुराना केस आया और उसमें फरार चल रहे नामजद आरोपी की गिरफ्तारी हुई।
आगे इस मामले में अदालत और जांच एजेंसी की कार्रवाई तय करेगी कि पुराने हत्याकांड में गनौरी यादव की कानूनी स्थिति क्या बनती है और अन्य आरोपियों को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं।
