जमुई के बाद दरभंगा में छात्रा को बाइक पर बैठाने की कोशिश, जांच तेज
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👉 WhatsApp से जुड़ेंबिहार के दरभंगा छात्रा अपहरण प्रयास मामले ने इलाके में चिंता बढ़ा दी है। दरभंगा छात्रा अपहरण प्रयास की यह घटना जमालपुर थाना क्षेत्र के किरतपुर अस्पताल के पास बताई जा रही है, जहां परीक्षा देने जा रही एक स्कूली छात्रा को बाइक पर जबरन बैठाने की कोशिश की गई। छात्रा के शोर मचाने और आसपास के लोगों के पहुंचने के बाद आरोपी मौके से भाग निकले। पुलिस ने घटना की जानकारी मिलते ही जांच शुरू कर दी है।
घटना सोमवार सुबह की बताई गई है। उस समय इलाके के स्कूलों में अर्द्धवार्षिक परीक्षा शुरू हो रही थी। छात्रा किरतपुर हाई स्कूल में परीक्षा देने जा रही थी।
किरतपुर अस्पताल के पास छात्रा को रोकने का आरोप
पुलिस और स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, छात्रा जब किरतपुर अस्पताल के पास पहुंची, तभी बाइक सवार युवकों ने उसे रोक लिया।
आरोप है कि उन्होंने छात्रा को जबरन बाइक पर बैठाने का प्रयास किया। छात्रा ने विरोध करते हुए शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के दुकानदार और अन्य लोग घटनास्थल की ओर दौड़े।
लोगों की भीड़ जुटती देखकर आरोपी मौके से भाग गए। कुछ रिपोर्टों में यह भी बताया गया है कि एक दुकानदार ने छात्रा की मदद की और आरोपियों से उसका बचाव करने की कोशिश की।
इस दौरान दुकानदार के साथ मारपीट किए जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि, घटना के सभी पहलुओं की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही पूरी तरह हो सकेगी।
पुलिस को सूचना मिलते ही शुरू हुई कार्रवाई
घटना की जानकारी मिलने के बाद डायल 112 की टीम और जमालपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने छात्रा को सुरक्षित अभिरक्षा में लिया और घटना की जानकारी जुटाई।
बिरौल एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी भी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने मामले की जानकारी लेकर स्थानीय पुलिस अधिकारियों को आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए आवश्यक निर्देश दिए।
पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू की है। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी जांच का हिस्सा बनाई गई है।
यही फुटेज आरोपियों की पहचान और घटना के पूरे क्रम को समझने में महत्वपूर्ण हो सकती है।
आरोपियों की संख्या को लेकर अलग-अलग जानकारी
घटना को लेकर सामने आई शुरुआती रिपोर्टों में आरोपियों की संख्या के संबंध में अंतर दिखाई देता है। प्रभात खबर की रिपोर्ट में बाइक पर सवार दो युवकों का उल्लेख है, जबकि हिन्दुस्तान और एक अन्य स्थानीय रिपोर्ट में दो से अधिक लोगों की भूमिका का उल्लेख किया गया है।
इसी वजह से आरोपियों की अंतिम संख्या और प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका को लेकर पुलिस की जांच महत्वपूर्ण है।
पुलिस जिन लोगों को संदिग्ध मान रही है, उनके खिलाफ कार्रवाई जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर होगी। किसी व्यक्ति को आरोपी बनाए जाने मात्र से उसे अपराध का दोषी नहीं माना जा सकता।
परीक्षा देने जा रही थी छात्रा
घटना ऐसे समय हुई जब इलाके के स्कूलों में अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं शुरू हुई थीं। छात्रा परीक्षा में शामिल होने के लिए स्कूल जा रही थी।
स्कूल के बाहर इस तरह की घटना सामने आने के बाद छात्राओं की सुरक्षा को लेकर स्थानीय स्तर पर चिंता बढ़ी है। स्कूल प्रशासन और पुलिस के सामने अब घटनास्थल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल हैं।
किरतपुर उच्च विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक ने घटना की पुष्टि की है। रिपोर्ट के अनुसार, घटना स्कूल परिसर के बाहर हुई।
जमुई की घटना के बीच दरभंगा मामले ने बढ़ाई चिंता
दरभंगा की यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब जमुई में नाबालिग छात्रा से कथित बदसलूकी का वीडियो वायरल होने के बाद बिहार में बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज है।
हालांकि, दोनों घटनाएं अलग-अलग हैं और इनके आरोप, परिस्थितियां तथा जांच अलग हैं। इसलिए इन्हें एक ही मामले के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
दरभंगा मामले में फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता छात्रा की सुरक्षा सुनिश्चित करना, आरोपियों की पहचान करना और घटना से जुड़े साक्ष्य जुटाना है।
आगे क्या होगा?
पुलिस सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि घटना में कितने लोग शामिल थे और उनके खिलाफ कौन-कौन सी कानूनी धाराएं लागू होती हैं।
नाबालिग से जुड़े मामले में उसकी पहचान, फोटो, वीडियो या ऐसी कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की जानी चाहिए जिससे उसकी पहचान उजागर हो। मामले में आगे की कार्रवाई पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगी।
