परिमार्जन पोर्टल पर आवेदन हफ्तों पेंडिंग रहे तो राजस्व अधिकारी से कैसे मिलें?

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डिजिटल बिहार की जमीनी हकीकत और आपका पेंडिंग परिमार्जन

बिहार सरकार ने जमीन के पुराने और गलत रिकॉर्ड को सुधारने के लिए 'परिमार्जन पोर्टल' (Parimarjan Portal) की शुरुआत की, ताकि रैयतों को ब्लॉक के चक्कर न लगाने पड़ें। नियम के अनुसार, जब आप ऑनलाइन अपनी पुरानी जमाबंदी, नाम, खाता या खेसरा में सुधार के लिए आवेदन करते हैं, तो उसे एक निश्चित समय सीमा के अंदर पास या रिजेक्ट होना चाहिए।

लेकिन, राजधानी पटना और बिहार के सभी जिलों का जमीनी सच कुछ और ही है। आपने कैफे वाले को पैसे देकर पोर्टल पर आवेदन कर दिया, पीडीएफ भी सही-सही अपलोड कर दी, लेकिन जब आप हफ्तों या महीनों बाद स्टेटस चेक करते हैं, तो वहां लाल या पीले रंग में एक ही मेसेज दिखता है— 'Pending at Karamchari Level' या 'Pending at RO Level'।

महीनों तक स्टेटस न बदलने पर आम आदमी परेशान हो जाता है। जब ऑनलाइन पोर्टल पर काम अटक जाए, तो आपको स्क्रीन से नजरें हटाकर सीधे अंचल कार्यालय (Block Office) का रुख करना पड़ता है। आज हम एक स्थानीय पत्रकार की नजर से आपको बताएंगे कि अगर आपका परिमार्जन आवेदन हफ्तों से पेंडिंग है, तो आपको ब्लॉक में जाकर सीधे राजस्व अधिकारी (Revenue Officer/CO) से कैसे मिलना है, क्या बात करनी है और अपना काम कैसे निकलवाना है।

आपका आवेदन पेंडिंग क्यों रहता है? (पर्दे के पीछे का सच)

सीधे अधिकारी के केबिन में घुसने से पहले आपको यह समझना होगा कि आपका आवेदन अटका कहां है और क्यों अटका है। परिमार्जन का सिस्टम तीन स्तरों से होकर गुजरता है:

  1. हल्का कर्मचारी (Halka Karamchari): सबसे पहले आपका ऑनलाइन आवेदन आपके पंचायत के कर्मचारी की आईडी पर जाता है।

  2. अंचल निरीक्षक (CI - Circle Inspector): कर्मचारी की रिपोर्ट के बाद आवेदन CI के पास जाता है।

  3. राजस्व अधिकारी / अंचलाधिकारी (RO / CO): अंत में RO या CO साहब अपने डिजिटल सिग्नेचर से इसे अप्रूव (Approve) करते हैं।

देरी के मुख्य कारण:

  • कर्मचारी की लापरवाही: कई बार हल्का कर्मचारी हफ्तों तक पोर्टल पर अपनी लॉगिन आईडी ही नहीं खोलते।

  • फिजिकल कॉपी का इंतजार: बिहार के कई अंचलों में यह अघोषित नियम बन गया है कि जब तक आप ऑनलाइन रसीद के साथ कागजातों की हार्ड कॉपी (Physical File) लेकर कर्मचारी को नहीं देंगे, वह उसे आगे नहीं बढ़ाएगा।

  • अधिकारियों पर काम का बोझ: जाति, आय, निवास से लेकर चुनाव और लॉ एंड ऑर्डर तक की जिम्मेदारी CO और RO पर होती है, इसलिए म्यूटेशन और परिमार्जन के काम अक्सर पीछे छूट जाते हैं।

सीधे राजस्व अधिकारी (RO) से मिलने की पूरी प्रक्रिया (Step-by-Step)

अगर आप घर बैठकर सिर्फ स्टेटस चेक करते रहेंगे, तो काम नहीं होगा। आपको सिस्टम को जगाना होगा। अगर एक महीने से ज्यादा समय बीत चुका है, तो ये कदम उठाएं:

स्टेप 1: अपना करंट स्टेटस प्रिंट करें

सबसे पहले 'बिहार भूमि' वेबसाइट पर जाएं और 'Track Application Status' पर क्लिक करके अपने परिमार्जन का ताजा स्टेटस प्रिंट निकाल लें। इस प्रिंटआउट के बिना अधिकारी आपकी कोई बात नहीं सुनेंगे।

स्टेप 2: एक मजबूत फाइल तैयार करें

अधिकारी के पास खाली हाथ न जाएं। एक फाइल बनाएं जिसमें निम्नलिखित चीजें हों:

  • परिमार्जन आवेदन की ऑनलाइन रिसीविंग (Receiving) की कॉपी।

  • जमीन का असली केवाला (Sale Deed) या खतियान की साफ फोटोकॉपी।

  • वर्तमान लगान रसीद (Current Rent Receipt)।

  • आधार कार्ड की फोटोकॉपी।

  • अगर नाम या रकबा सुधार के लिए कोई शपथ पत्र (Affidavit) बनवाया है, तो उसकी कॉपी।

स्टेप 3: हाथ से एक लिखित आवेदन (Application) तैयार करें

राजस्व अधिकारी या CO को संबोधित करते हुए एक सादे कागज पर आवेदन लिखें। आप कुछ इस तरह लिख सकते हैं:

सेवा में,

श्रीमान राजस्व अधिकारी / अंचलाधिकारी,

अंचल कार्यालय (अपने ब्लॉक का नाम लिखें)

विषय: परिमार्जन पोर्टल पर आवेदन संख्या (अपना Application Number लिखें) के हफ्तों से लंबित रहने के संबंध में।

महाशय,

सविनय निवेदन है कि मैं (अपना नाम), ग्राम (गांव का नाम) का निवासी हूं। मैंने अपनी जमाबंदी सं. (जमाबंदी नंबर) में नाम सुधार हेतु दिनांक (आवेदन की तारीख) को परिमार्जन पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन किया था।

आज (इतने) सप्ताह बीत जाने के बाद भी मेरा आवेदन 'कर्मचारी/CI' के स्तर पर पेंडिंग दिखा रहा है। संलग्न सभी दस्तावेज पूरी तरह वैध और सही हैं।

अतः श्रीमान से आग्रह है कि मेरे आवेदन की भौतिक जांच कर इसे जल्द से जल्द निष्पादित करने की कृपा करें।

भवदीय,

(अपना हस्ताक्षर और मोबाइल नंबर)

स्टेप 4: सही दिन चुनें और ब्लॉक पहुंचें

राजस्व अधिकारी से मिलने के लिए मंगलवार, गुरुवार या शनिवार का दिन सबसे अच्छा होता है। शनिवार को अक्सर थानों में जनता दरबार लगता है, इसलिए CO वहां व्यस्त हो सकते हैं, लेकिन RO ब्लॉक में मिल सकते हैं। दोपहर 1 बजे से 3 बजे के बीच मिलने का प्रयास करें, जब भीड़ थोड़ी कम होती है।

स्टेप 5: अधिकारी के सामने अपनी बात रखें

केबिन में प्रवेश करने के बाद, विनम्रता से अपनी फाइल RO या CO की टेबल पर रखें। उन्हें साफ शब्दों में बताएं कि "सर, मैंने इतने दिनों पहले परिमार्जन के लिए अप्लाई किया था, मेरे सारे कागज सही हैं, लेकिन फाइल कर्मचारी के लेवल पर फंसी है।"

आमतौर पर अधिकारी तुरंत आपके आवेदन पर पेन से "कर्मचारी/CI, जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करें" (Mark to Karamchari) लिख देते हैं।

स्टेप 6: उस मार्क किए हुए आवेदन को कर्मचारी को सौंपें

जैसे ही RO या CO आपके आवेदन पर अपनी कलम चला दें, उसकी एक फोटो अपने मोबाइल में खींच लें। इसके बाद सीधे अपने हल्का कर्मचारी को वह कागज सौंप दें। बड़े अधिकारी का हस्ताक्षर देखते ही कर्मचारी आपकी फाइल उसी दिन या अगले दिन पोर्टल पर आगे बढ़ा देगा।

ब्लॉक जाने से पहले जरूरी जानकारी (Quick Info Table)

विवरणजानकारी
मिलने वाले अधिकारीअंचलाधिकारी (CO) या राजस्व अधिकारी (RO)
मिलने का सही समयदोपहर 1:00 बजे से 3:00 बजे के बीच (वर्किंग डेज में)
जरूरी दस्तावेजऑनलाइन रसीद, करेंट स्टेटस का प्रिंट, केवाला/खतियान, आवेदन पत्र
पेंडिंग का समयआवेदन के 21 से 30 दिन बीत जाने के बाद ही अधिकारी से मिलें
आवेदन की भाषाहिंदी (स्पष्ट शब्दों में, टू-द-पॉइंट)

अगर CO या RO भी आपकी बात ना सुनें, तो क्या करें?

बिहार में यह आम बात है कि आप ब्लॉक गए और अधिकारियों ने आपको मिलने का समय ही नहीं दिया, या फिर आपका आवेदन लेकर टेबल पर रख दिया और कोई कार्रवाई नहीं की। अगर ब्लॉक स्तर के अधिकारी आपकी बात नहीं सुन रहे हैं, तो आपको उनसे बहस नहीं करनी है। सिस्टम में उनके ऊपर भी अधिकारी बैठे हैं:

1. भूमि सुधार उप समाहर्ता (DCLR) के पास जाएं

हर अनुमंडल (Sub-division) में एक DCLR बैठते हैं। उनका मुख्य काम ही अंचल कार्यालय के जमीन संबंधी कामों की निगरानी करना है। अगर CO आपका परिमार्जन नहीं कर रहे हैं, तो आप अपनी फाइल सीधे DCLR के कार्यालय में ले जाकर उन्हें पूरी स्थिति से अवगत कराएं। DCLR का एक फोन अंचल कार्यालय का अटका हुआ काम तुरंत चालू करवा सकता है।

2. बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम (PGRO)

यह बिहार के लोगों के लिए सबसे बड़ा और असरदार हथियार है। अगर ब्लॉक में काम नहीं हो रहा है, तो किसी से झगड़ा न करें। सीधे अपने अनुमंडल के 'लोक शिकायत निवारण केंद्र' में जाएं। वहां परिमार्जन आवेदन की रसीद लगाकर शिकायत दर्ज करें कि "इतने दिन बीत जाने के बाद भी मेरा काम नहीं हुआ।"

लोक शिकायत का नियम है कि उन्हें एक तय समय (आमतौर पर 60 दिन) के भीतर मामले का निपटारा करना ही होता है। वहां CO या RO को खुद आकर सफाई देनी पड़ती है कि उन्होंने काम क्यों रोक रखा था।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. परिमार्जन का आवेदन पास होने में नियम के अनुसार अधिकतम कितने दिन लगने चाहिए?

सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, परिमार्जन के आवेदनों का निपटारा आमतौर पर 21 से 30 कार्य दिवसों (Working days) के भीतर हो जाना चाहिए। हालांकि, काम के बोझ के कारण इसमें देरी होती है।

2. मेरा आवेदन 'Pending at Karamchari' दिखा रहा है, क्या मुझे पहले कर्मचारी से मिलना चाहिए या सीधे RO से?

सबसे पहले आपको अपने हल्का कर्मचारी से ही मिलना चाहिए। उन्हें फिजिकल कॉपी दें। अगर कर्मचारी टालमटोल करे या 15 दिन बाद भी स्टेटस न बदले, तब आपको सीधे RO या CO के पास जाना चाहिए।

3. क्या परिमार्जन पेंडिंग रहने के दौरान मैं अपने ऑनलाइन फॉर्म में कोई सुधार (Edit) कर सकता हूं?

नहीं। एक बार आवेदन सबमिट हो जाने और रिसिप्ट जेनरेट होने के बाद आप उसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं कर सकते। अगर कोई बड़ी गलती हो गई है, तो आपको CO से मिलकर उसे रिजेक्ट करवाना होगा और फिर नया आवेदन देना होगा।

4. क्या ब्लॉक में काम जल्दी करवाने के लिए किसी बिचौलिए की मदद लेनी चाहिए?

बिल्कुल नहीं। बिचौलिए अक्सर आपसे मोटी रकम ऐंठ लेंगे और काम फिर भी अधिकारियों के मूड पर निर्भर करेगा। खुद जागरूक बनें, कागज मजबूत रखें और जरूरत पड़े तो लोक शिकायत (PGRO) का सहारा लें।

5. मैंने ऑनलाइन जो PDF अपलोड की थी, उसका साइज बड़ा होने के कारण वह ब्लर (Blur) दिख रही है। क्या इस वजह से फॉर्म पेंडिंग रह सकता है?

हां, यह एक बहुत बड़ा कारण है। अगर PDF धुंधली है और अधिकारी उसे पढ़ नहीं पा रहे हैं, तो वे उसे रिजेक्ट करने के बजाय पेंडिंग छोड़ देते हैं। ब्लॉक जाकर अपनी ओरिजिनल फाइल दिखाएं ताकि वे फिजिकल कॉपी देखकर ऑनलाइन आपका काम पास कर सकें।

आपकी अगली पहल

डिजिटल पोर्टल आपके काम को आसान बनाने के लिए बनाए गए हैं, लेकिन पूरी तरह से सिर्फ कंप्यूटर स्क्रीन के भरोसे बैठना समझदारी नहीं है। पटना और बिहार के सभी जिलों में प्रशासन आज भी काफी हद तक फिजिकल कागजातों और आमने-सामने की बातचीत पर काम करता है। आपका परिमार्जन आवेदन आपकी पुश्तैनी या खरीदी हुई जमीन का भविष्य तय करेगा।

इसलिए, अगर आपका स्टेटस लाल रंग में अटका हुआ है, तो अपनी फाइल उठाएं, एक कड़क आवेदन लिखें और पूरे आत्मविश्वास के साथ ब्लॉक कार्यालय पहुंचें। अधिकारियों से डरें नहीं, वे आपकी सेवा के लिए ही बैठे हैं। अपनी बात तथ्यों और कागजातों के साथ रखें, आपको आपका हक और आपकी सुधरी हुई जमाबंदी जरूर मिलेगी।

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