समस्तीपुर में सफाई पर सवा करोड़ खर्च, फिर भी गंदगी का अंबार

📌 पटना और बिहार के सभी ज़िलों की ताज़ा ख़बरें सीधे अपने मोबाइल पर पाएं!

👉 WhatsApp से जुड़ें


 

समस्तीपुर में सफाई व्यवस्था पर नगर निगम हर महीने करीब सवा करोड़ रुपये खर्च कर रहा है, लेकिन शहर के कई इलाकों में इसकी तस्वीर सवाल खड़े कर रही है। सफाई व्यवस्था पर भारी खर्च के बावजूद कर्पूरी बस स्टैंड और ताजपुर रोड के आसपास कचरा, गंदा पानी और दुर्गंध की समस्या बनी हुई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, हालात खासकर बरसात के दिनों में और खराब हो जाते हैं।

कर्पूरी बस स्टैंड परिसर के आसपास कई जगह कचरा जमा है। गंदे पानी में प्लास्टिक और जैविक कचरा पड़ा रहने से सड़ांध फैल रही है। दूसरी ओर, ताजपुर रोड पर पीर स्थान से शास्त्री गली तक भी सफाई व्यवस्था को लेकर लोगों में नाराजगी है।

सवा करोड़ खर्च, फिर भी क्यों नहीं सुधरी तस्वीर?

नगर निगम शहर की सफाई व्यवस्था पर हर महीने बड़ी राशि खर्च करता है। इसके बावजूद कर्पूरी बस स्टैंड जैसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थल के आसपास गंदगी दिखाई देने से व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

बस स्टैंड में रोजाना बड़ी संख्या में यात्रियों और स्थानीय लोगों का आना-जाना रहता है। ऐसे स्थान पर कचरा और दूषित पानी जमा रहने से न सिर्फ बदबू फैलती है, बल्कि लोगों को आने-जाने में भी परेशानी होती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि नियमित सफाई और कचरे के उचित निस्तारण पर ध्यान दिया जाए तो स्थिति में काफी सुधार हो सकता है।

ताजपुर रोड पर खुले में मछली-मांस की दुकानें

समस्तीपुर के ताजपुर रोड की स्थिति भी लोगों के लिए चिंता का कारण बनी हुई है। पीर स्थान से शास्त्री गली के बीच सड़क किनारे खुले में मछली और मांस की दुकानें संचालित होने की बात सामने आई है।

इन दुकानों से निकलने वाला दूषित पानी सड़क पर बहता रहता है। इसके अलावा मछली-मांस के अवशेष और अन्य जैविक कचरा भी सड़क किनारे फेंके जाने की शिकायत है।

इससे कई जगह गंदगी का ढेर लग जाता है। दुर्गंध के कारण राहगीरों और आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

बारिश में सड़क बन जाती है दलदल

बरसात के मौसम में समस्या और गंभीर हो जाती है। सड़क किनारे जमा कचरा और गंदा पानी बारिश के पानी के साथ फैल जाता है।

कई जगह सड़क के आसपास की जमीन कीचड़ और गंदे पानी से भर जाती है। इससे पैदल चलने वाले लोगों के साथ दोपहिया वाहन चालकों को भी परेशानी होती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते जलजमाव और कचरे की समस्या दूर नहीं की गई तो बारिश बढ़ने के साथ हालात और खराब हो सकते हैं।

सावन में मंदिर जाने वाले श्रद्धालु भी परेशान

फिलहाल सावन का महीना चल रहा है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शिव मंदिरों में पूजा-अर्चना तथा जलाभिषेक के लिए आते-जाते हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार, ताजपुर रोड का यह हिस्सा धार्मिक आवागमन के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। ऐसे में सड़क किनारे फैली गंदगी और दूषित पानी से श्रद्धालुओं को असुविधा हो रही है।

लोगों का कहना है कि धार्मिक मार्गों और प्रमुख सार्वजनिक रास्तों पर कम से कम नियमित सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित होनी चाहिए।

राष्ट्रीय पर्वों पर भी सफाई को लेकर सवाल

स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्वों के दौरान भी इस इलाके में अपेक्षित स्तर पर सफाई नहीं होती।

लोगों का कहना है कि राष्ट्रीय पर्वों के समय शहर के प्रमुख स्थानों की सफाई और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। लेकिन ताजपुर रोड की स्थिति में लंबे समय से अपेक्षित बदलाव नहीं आया है।

हालांकि, इन आरोपों पर नगर निगम की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।

नगर आयुक्त और अधिकारियों से कार्रवाई की मांग

गंदगी और जलजमाव से परेशान स्थानीय लोगों ने नगर आयुक्त, जिलाधिकारी और सदर एसडीओ से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है।

लोगों ने ताजपुर रोड का स्थलीय निरीक्षण कराने और सड़क किनारे खुले में मछली-मांस की बिक्री पर नियमों के अनुसार रोक लगाने की मांग रखी है।

इसके साथ ही जलजमाव हटाने, सड़क किनारे जमा कचरे की सफाई कराने और नियमित स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करने की अपील की गई है।

सफाई के साथ कचरा प्रबंधन भी जरूरी

शहर को साफ रखने के लिए केवल सफाईकर्मियों की संख्या या बजट बढ़ाना पर्याप्त नहीं है। कचरे का नियमित उठाव, गीले और सूखे कचरे का उचित प्रबंधन तथा खुले में कचरा फेंकने पर नियंत्रण भी जरूरी है।

खासकर मछली और मांस की दुकानों से निकलने वाले जैविक कचरे के लिए अलग व्यवस्था की आवश्यकता होती है। यदि ऐसे अवशेष खुले में पड़े रहें तो दुर्गंध के साथ संक्रमण और अन्य स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी बढ़ सकते हैं।

इसी तरह जलजमाव की समस्या दूर करने के लिए नालियों की सफाई और पानी की निकासी की व्यवस्था को भी मजबूत करना जरूरी है।

अब लोगों को नगर निगम की कार्रवाई का इंतजार

समस्तीपुर में सफाई पर हर महीने होने वाले बड़े खर्च के बीच ताजपुर रोड और कर्पूरी बस स्टैंड की स्थिति स्थानीय प्रशासन के लिए चुनौती बन गई है।

लोग चाहते हैं कि संबंधित अधिकारी मौके का निरीक्षण करें और समस्या का स्थायी समाधान निकालें। खासकर सावन के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए सफाई, जलनिकासी और खुले में मांस-मछली की बिक्री से जुड़े नियमों के पालन पर ध्यान देने की मांग तेज हुई है।

अब देखना होगा कि स्थानीय प्रशासन शिकायतों पर कितनी तेजी से कार्रवाई करता है और शहर के इन प्रमुख इलाकों को गंदगी और जलजमाव से कब तक राहत मिलती है।

🛍️ ऑनलाइन शॉपिंग करें
Amazon, Flipkart, Myntra और AJIO पर खरीदारी करें
यहाँ से खरीदारी करने पे एक्स्ट्रा डिस्काउंट मिल सकता है।
Next Post Previous Post
"ताज़ा ख़बरें पाएं"
1