बिहार कैबिनेट के 10 बड़े फैसले, युवाओं से छात्रों तक मिली बड़ी सौगात
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बिहार में बिहार कैबिनेट की बुधवार को हुई बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी है। बिहार कैबिनेट ने युवाओं की स्किल ट्रेनिंग, स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड, गांवों में तेज इंटरनेट, सोलर पैनल पर अतिरिक्त सब्सिडी और बिजली विभाग में नए पदों से जुड़े फैसले किए। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में कुल 10 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों का असर शिक्षा, रोजगार, डिजिटल कनेक्टिविटी, ऊर्जा और शहरी विकास जैसे क्षेत्रों पर पड़ने की उम्मीद है।
युवाओं को AI, ड्रोन और कोडिंग की ट्रेनिंग
सरकार ने कुशल युवा कार्यक्रम को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने का फैसला किया है। यह योजना वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक चलेगी।
इसके लिए सरकार ने 430.08 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। ट्रेनिंग में युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन टेक्नोलॉजी, डिजिटल मार्केटिंग, बैंकिंग और कोडिंग जैसी आधुनिक स्किल सिखाई जाएंगी।
सरकार के अनुसार, इस पहल से करीब 6,436 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। इसके अलावा प्रशिक्षण और उससे जुड़ी गतिविधियों के जरिए अप्रत्यक्ष रोजगार भी बढ़ सकता है।
स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना 2031 तक जारी
उच्च शिक्षा की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए भी कैबिनेट ने बड़ा फैसला लिया है। स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दी गई है।
सिर्फ 2026-27 के लिए सरकार ने इस योजना के तहत 950 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है। योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को उच्च शिक्षा जारी रखने में वित्तीय मदद उपलब्ध कराना है।
इससे बिहार के छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक बाधाओं को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
शहरों के जैविक कचरे से बनेगी CBG गैस
शहरी क्षेत्रों में निकलने वाले जैविक कचरे के इस्तेमाल को लेकर भी कैबिनेट ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।
नगर निकाय क्षेत्रों में कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) प्लांट लगाने की योजना को मंजूरी दी गई है। इन संयंत्रों में जैविक कचरे को प्रोसेस करके गैस तैयार की जाएगी।
इस पहल का उद्देश्य कचरे के बेहतर प्रबंधन के साथ पर्यावरण पर पड़ने वाले दबाव को कम करना है। साथ ही CBG प्लांट से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है।
गांवों तक पहुंचेगा हाई-स्पीड फाइबर इंटरनेट
भारतनेट परियोजना के तहत बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करने का फैसला हुआ है।
योजना के तहत गांवों और पंचायतों के साथ स्कूलों, अस्पतालों और आंगनबाड़ी केंद्रों तक हाई-स्पीड फाइबर इंटरनेट पहुंचाने पर जोर दिया जाएगा।
सरकार का लक्ष्य नेटवर्क को करीब 99 प्रतिशत समय तक चालू रखने का है। बेहतर इंटरनेट कनेक्टिविटी से ऑनलाइन सरकारी सेवाओं, शिक्षा और डिजिटल सुविधाओं तक ग्रामीण आबादी की पहुंच आसान हो सकती है।
सोलर पैनल लगाने पर मिलेगी अतिरिक्त मदद
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत घर की छत पर सोलर सिस्टम लगाने वाले लोगों को केंद्र की सहायता के अलावा बिहार सरकार की ओर से भी अतिरिक्त आर्थिक मदद मिलेगी।
राज्य सरकार प्रति किलोवाट 10 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता देगी। एक परिवार को अधिकतम 20 हजार रुपये तक की मदद मिल सकेगी।
यह राशि DBT के जरिए सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजने का प्रावधान है। इस योजना के लिए सरकार ने संभावित रूप से 1,000 करोड़ रुपये खर्च करने की मंजूरी दी है।
इससे घरेलू स्तर पर सौर ऊर्जा को बढ़ावा मिलने और बिजली खर्च कम करने की दिशा में मदद मिलने की उम्मीद है।
बिजली विभाग में बनेंगे 221 नए पद
बिहार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड (BSPTCL) के ग्रिड उपकेंद्रों को मजबूत करने के लिए 221 नए पद सृजित किए जाएंगे।
इनमें कार्यपालक अभियंता, सहायक कार्यपालक अभियंता, कनिष्ठ विद्युत अभियंता और तकनीकी स्टाफ से जुड़े पद शामिल हैं।
नए पदों के जरिए ग्रिड उपकेंद्रों के संचालन और तकनीकी व्यवस्था को बेहतर करने की कोशिश होगी। इससे बिजली ट्रांसमिशन से जुड़ी व्यवस्थाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
प्राइवेट ITI में 50% सीटों पर प्रवेश परीक्षा
कैबिनेट ने ITI में दाखिले की प्रक्रिया को लेकर भी बदलाव को मंजूरी दी है।
अब बिहार के प्राइवेट ITI की 50 प्रतिशत सीटों पर दाखिला BCECEB की प्रवेश परीक्षा के माध्यम से होगा। इसका उद्देश्य प्रवेश प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाना है।
इस फैसले से ITI में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के लिए चयन प्रक्रिया का स्वरूप बदल जाएगा।
प्राइवेट B.Ed कॉलेजों में बढ़ेंगे पढ़ाई के विकल्प
बिहार में केवल B.Ed की पढ़ाई कराने वाले निजी शिक्षक शिक्षा संस्थानों में अब अन्य पाठ्यक्रम शुरू करने का रास्ता भी साफ किया गया है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप ऐसे संस्थानों में B.Ed के साथ कला, विज्ञान, वाणिज्य और कौशल आधारित स्नातक पाठ्यक्रम चलाए जा सकेंगे।
इस बदलाव से इन संस्थानों में छात्रों के लिए पढ़ाई के विकल्प बढ़ने की उम्मीद है।
रिटायर IAS संजय कुमार को एक साल का कार्यकाल
कैबिनेट ने सेवानिवृत्त IAS अधिकारी संजय कुमार को संविदा पर एक साल के लिए रखने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी।
उन्हें 1 अगस्त 2026 से 31 जुलाई 2027 तक एक वर्ष के लिए संविदा पर नियुक्त किए जाने को स्वीकृति मिली है।
सैटेलाइट टाउनशिप में जमीन की खरीद-बिक्री पर राहत
ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप वाले क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री और हस्तांतरण पर लगी रोक हटाने का फैसला भी कैबिनेट ने किया है।
अंतिम विकास योजना जारी होने के बाद इन क्षेत्रों में निर्माण और विकास कार्य बिहार नगर विकास प्राधिकरण के DCR नियमों के तहत किए जा सकेंगे।
इससे संबंधित क्षेत्रों में जमीन और निर्माण से जुड़े कार्य निर्धारित नियमों के अनुसार आगे बढ़ने का रास्ता खुलेगा।
10 फैसलों का असर किन क्षेत्रों पर पड़ेगा?
बिहार कैबिनेट के बुधवार के फैसलों को व्यापक रूप से देखें तो इनका फोकस रोजगार, शिक्षा, डिजिटल सुविधा, स्वच्छ ऊर्जा, बिजली व्यवस्था और शहरी विकास पर है।
AI और ड्रोन जैसी तकनीकों की ट्रेनिंग युवाओं को नई स्किल देने की दिशा में अहम कदम है। वहीं स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड और ITI प्रवेश में बदलाव शिक्षा क्षेत्र से जुड़े छात्रों को प्रभावित करेगा।
सोलर सब्सिडी और CBG प्लांट जैसे फैसले ऊर्जा एवं पर्यावरण से जुड़े हैं, जबकि भारतनेट और बिजली विभाग के नए पदों से आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने की कोशिश की गई है।
इन फैसलों का वास्तविक प्रभाव योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा। फिलहाल कैबिनेट के निर्णयों से सरकार ने रोजगार, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कई क्षेत्रों को एक साथ प्राथमिकता देने का संकेत दिया है।
