EOU Raid Bihar: इंजीनियर के 6 ठिकानों पर छापा, करोड़ों की संपत्ति जांच के घेरे में
EOU Raid Bihar के तहत आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए लघु सिंचाई विभाग, सासाराम (रोहतास) प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता अरविन्द कुमार चौधरी के छह ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की है। EOU Raid Bihar में अभियंता पर आय से लगभग 85.05 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। प्रारंभिक जांच में ईओयू को करीब 1.19 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति के साक्ष्य मिलने के बाद न्यायालय से सर्च वारंट प्राप्त कर यह कार्रवाई की गई।
सुबह से चल रही इस कार्रवाई में ईओयू की विशेष टीम पटना, मुजफ्फरपुर, रोहतास और बांका समेत कई स्थानों पर दस्तावेजों, बैंक खातों, निवेश और चल-अचल संपत्तियों से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही है।
क्या है पूरा मामला?
आर्थिक अपराध इकाई के अनुसार, सत्यापन के दौरान कार्यपालक अभियंता अरविन्द कुमार चौधरी की संपत्ति और आय का विस्तृत मिलान किया गया।
जांच में यह सामने आया कि उनके पास उपलब्ध संपत्ति उनकी घोषित आय की तुलना में लगभग 85.05 प्रतिशत अधिक है। ईओयू का दावा है कि इस मामले में 1,19,98,534 रुपये की आय से अधिक संपत्ति के साक्ष्य मिले हैं।
इन्हीं तथ्यों के आधार पर आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया गया और न्यायालय से तलाशी वारंट लेकर छापेमारी शुरू की गई।
किन-किन ठिकानों पर चल रही है छापेमारी?
ईओयू की टीम एक साथ कुल छह स्थानों पर तलाशी अभियान चला रही है।
छापेमारी जिन प्रमुख स्थानों पर हो रही है, उनमें शामिल हैं—
- पटना के दानापुर स्थित वीनस पैराडाइज अपार्टमेंट का फ्लैट।
- दानापुर के आशोपुर स्थित वीनस इम्पायर अपार्टमेंट का फ्लैट।
- मुजफ्फरपुर के महामाया स्थान स्थित ससुराल का मकान।
- सासाराम स्थित लघु सिंचाई प्रमंडल का कार्यालय।
- डेहरी ऑन सोन स्थित सरकारी आवास।
- बांका जिले के रजौन थाना क्षेत्र के पीपराडीह गांव स्थित पैतृक घर।
सभी स्थानों पर एक साथ कार्रवाई कर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
किन दस्तावेजों की हो रही है जांच?
ईओयू की टीम दानापुर स्थित फ्लैटों और अन्य परिसरों में बैंक खातों, निवेश, संपत्ति खरीद-बिक्री से जुड़े दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण कागजात की जांच कर रही है।
इसके अलावा चल और अचल संपत्तियों से संबंधित अभिलेखों का भी मिलान किया जा रहा है, ताकि संपत्ति के स्रोत और वित्तीय लेनदेन की पूरी जानकारी जुटाई जा सके।
अधिकारियों का कहना है कि बरामद दस्तावेजों का विस्तृत विश्लेषण जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा।
जांच पूरी होने के बाद क्या होगी कार्रवाई?
आर्थिक अपराध इकाई के अधिकारियों के मुताबिक, तलाशी अभियान पूरा होने के बाद जब्त किए गए सभी दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड का मूल्यांकन किया जाएगा।
यदि जांच में आय से अधिक संपत्ति के आरोपों की पुष्टि होती है, तो कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल छापेमारी जारी है और साक्ष्य जुटाने का काम प्राथमिकता पर किया जा रहा है।
आय से अधिक संपत्ति मामलों में कैसे होती है जांच?
जब किसी सरकारी अधिकारी पर आय से अधिक संपत्ति रखने का आरोप लगता है, तो जांच एजेंसी पहले उसकी घोषित आय, वेतन, निवेश और संपत्ति का सत्यापन करती है।
यदि जांच में आय और संपत्ति के बीच असामान्य अंतर मिलता है, तो संबंधित कानूनों के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय से अनुमति लेकर तलाशी और आगे की जांच की जाती है।
अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और उपलब्ध साक्ष्यों के मूल्यांकन के बाद ही तय किया जाता है।
- ईओयू ने लघु सिंचाई विभाग के कार्यपालक अभियंता अरविन्द कुमार चौधरी के छह ठिकानों पर छापेमारी की।
- अभियंता पर लगभग 85.05 प्रतिशत आय से अधिक संपत्ति रखने का आरोप है।
- प्रारंभिक जांच में 1,19,98,534 रुपये की कथित आय से अधिक संपत्ति के साक्ष्य मिलने की बात कही गई है।
- पटना, मुजफ्फरपुर, रोहतास और बांका सहित छह स्थानों पर तलाशी जारी है।
- जांच के बाद बरामद दस्तावेजों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।
