बिहार में दोनों डिप्टी CM को Z सिक्योरिटी, बढ़ी सुरक्षा व्यवस्था


 

बिहार में डिप्टी CM Z सिक्योरिटी को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है। बिहार के दोनों डिप्टी सीएम—विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव—को अब डिप्टी CM Z सिक्योरिटी के तहत विशेष सुरक्षा दी जाएगी। इस फैसले के बाद दोनों नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था पहले से कहीं अधिक सख्त और व्यवस्थित हो जाएगी।

राज्य पुलिस मुख्यालय के सूत्रों के अनुसार, यह सुरक्षा व्यवस्था उच्च जोखिम को ध्यान में रखते हुए लागू की गई है। जल्द ही दोनों नेताओं के साथ विशेष प्रशिक्षित कमांडो तैनात किए जाएंगे।

Z सिक्योरिटी में क्या-क्या होता है?

Z श्रेणी की सुरक्षा भारत में उच्च स्तर की सुरक्षा व्यवस्था मानी जाती है। यह उन व्यक्तियों को दी जाती है जिनकी सुरक्षा को लेकर संभावित खतरे का आकलन किया जाता है।

इस सुरक्षा के तहत करीब 22 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जाती है। इनमें 4 से 6 कमांडो शामिल होते हैं, जो एनएसजी या अर्धसैनिक बलों जैसे CRPF और ITBP से आते हैं।

इसके अलावा, सुरक्षा में 24 घंटे निगरानी, एस्कॉर्ट गाड़ियां और निवास स्थान पर कड़ी सुरक्षा भी शामिल रहती है।

मोबाइल और स्थिर सुरक्षा दोनों होगी मजबूत

डिप्टी CM को मिलने वाली Z सिक्योरिटी सिर्फ उनके आवास तक सीमित नहीं होती। इसमें मोबाइल सुरक्षा (यात्रा के दौरान) और स्थिर सुरक्षा (घर या कार्यालय) दोनों शामिल होती हैं।

जब भी ये नेता किसी कार्यक्रम या दौरे पर जाएंगे, उनके साथ सुरक्षा का पूरा काफिला मौजूद रहेगा। इससे उनकी सार्वजनिक गतिविधियों के दौरान भी सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

Z प्लस से एक स्तर नीचे होती है यह सुरक्षा

Z सिक्योरिटी, Z प्लस सुरक्षा से एक स्तर नीचे होती है। जहां Z श्रेणी में लगभग 22 सुरक्षाकर्मी होते हैं, वहीं Z प्लस सुरक्षा में करीब 55 सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाते हैं।

बिहार में इससे पहले सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा को Z प्लस सुरक्षा दी जा चुकी है। वहीं जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार को भी Z प्लस श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है।

नई सरकार में सुरक्षा व्यवस्था पर खास फोकस

15 अप्रैल को बिहार में नई सरकार का गठन हुआ, जिसमें सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनके साथ जदयू के वरिष्ठ नेता विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव को डिप्टी सीएम बनाया गया।

नई सरकार बनने के बाद प्रशासनिक फैसलों में तेजी देखने को मिल रही है। सुरक्षा बढ़ाने का यह कदम भी उसी दिशा में एक अहम निर्णय माना जा रहा है।

मंत्रिमंडल विस्तार से पहले जिम्मेदारियों का बंटवारा

फिलहाल बिहार सरकार में मुख्यमंत्री और दो डिप्टी सीएम मिलकर प्रशासन चला रहे हैं। मंत्रिमंडल विस्तार में अभी कुछ समय लग सकता है।

इसी बीच विभागों का अस्थायी बंटवारा कर दिया गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 29 विभाग अपने पास रखे हैं, जबकि बाकी 18 विभाग दोनों डिप्टी सीएम के बीच बांटे गए हैं।

आगामी महीने में मंत्रिमंडल विस्तार होने की संभावना है, जिसके बाद विभागों का पुनः बंटवारा किया जाएगा।

क्या संकेत देता है यह फैसला?

विशेषज्ञों के अनुसार, डिप्टी CM को Z सिक्योरिटी देना यह दर्शाता है कि राज्य सरकार सुरक्षा मामलों को लेकर सतर्क है।

यह फैसला न केवल नेताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, बल्कि प्रशासनिक स्थिरता और राजनीतिक गतिविधियों के सुचारू संचालन में भी मदद करेगा।


Source: राज्य पुलिस मुख्यालय के आधिकारिक सूत्र

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