आशा भोसले का निधन, 92 की उम्र में संगीत जगत को बड़ा झटका


आशा भोसले निधन की खबर ने पूरे देश को गहरे शोक में डाल दिया है। आशा भोसले निधन के साथ ही भारतीय संगीत का एक स्वर्णिम अध्याय समाप्त हो गया। 92 वर्ष की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली और अपने पीछे हजारों अमर गीतों की विरासत छोड़ गईं।

बताया जा रहा है कि कार्डिएक अरेस्ट और फेफड़ों में संक्रमण के कारण उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। उन्हें मुंबई के अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया।

संगीत जगत में शोक की लहर

Asha Bhosle के निधन की खबर फैलते ही फिल्म और संगीत जगत में शोक की लहर दौड़ गई। कई कलाकारों और हस्तियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।

गायक कैलाश खेर, अदनान सामी और अभिनेत्री हेमा मालिनी समेत कई लोगों ने उनके योगदान को याद करते हुए इसे अपूरणीय क्षति बताया। उनके निधन से पूरे बॉलीवुड में मातम का माहौल है।

12 हजार से ज्यादा गीतों की विरासत

आशा भोसले भारतीय संगीत इतिहास की सबसे बहुमुखी गायिकाओं में गिनी जाती हैं। उन्होंने अपने करियर में 12,000 से अधिक गीतों को अपनी आवाज दी।

उन्होंने हिंदी के अलावा 20 से अधिक भारतीय और विदेशी भाषाओं में गाने गाए। उनकी आवाज ने कई पीढ़ियों को प्रभावित किया और आज भी उनके गीत उतने ही लोकप्रिय हैं।

बहन Lata Mangeshkar के साथ बनाई पहचान

आशा भोसले, दिग्गज गायिका लता मंगेशकर की छोटी बहन थीं। दोनों बहनों ने मिलकर भारतीय संगीत को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया।

जहां लता मंगेशकर ने मधुरता की पहचान बनाई, वहीं आशा भोसले ने अपने बहुमुखी अंदाज से हर तरह के गीतों में महारत हासिल की।

बड़े संगीतकारों के साथ यादगार सफर

आशा भोसले ने अपने करियर में कई दिग्गज संगीतकारों के साथ काम किया। इनमें R. D. Burman, शंकर-जयकिशन, ओ.पी. नैयर और ए.आर. रहमान जैसे नाम शामिल हैं।

खासकर आर.डी. बर्मन के साथ उनकी जोड़ी ने कई सुपरहिट गाने दिए, जो आज भी लोगों की जुबान पर हैं।

पहला गाना और लंबा करियर

आशा भोसले ने अपने करियर की शुरुआत 1943 में मराठी फिल्म ‘माझा बल’ से की थी। इसके बाद 1948 में बॉलीवुड फिल्म ‘चुनरिया’ में उनका गाना ‘सावन आया’ काफी चर्चित हुआ।

सात दशकों से अधिक लंबे करियर में उन्होंने हर तरह के गीतों में अपनी अलग पहचान बनाई।

कई बड़े पुरस्कारों से सम्मानित

आशा भोसले को उनके योगदान के लिए कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। उन्हें दादासाहेब फाल्के पुरस्कार और पद्म विभूषण जैसे सम्मान मिले।

इसके अलावा उन्हें 7 फिल्मफेयर अवॉर्ड और लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड भी मिला। वह ग्रैमी अवॉर्ड के लिए नामांकित होने वाली पहली भारतीय गायिका भी थीं।

अंतिम संस्कार का कार्यक्रम

जानकारी के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार सोमवार को किया जाएगा। उनका पार्थिव शरीर सुबह अंतिम दर्शन के लिए उनके निवास पर रखा जाएगा।

इसके बाद मुंबई के शिवाजी पार्क में उनका अंतिम संस्कार होगा, जहां पहले लता मंगेशकर का भी अंतिम संस्कार किया गया था।

हमेशा याद रहेंगी आशा ताई

आशा भोसले का जाना सिर्फ एक कलाकार का निधन नहीं, बल्कि एक युग का अंत है। उनके गीत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे।

भारतीय संगीत में उनका योगदान हमेशा अमर रहेगा और उन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकेगा।


Source: परिवार और मीडिया रिपोर्ट्स

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