पटना: बिहार सर्किल रेट बढ़ोतरी को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है। क्या, कब, कहां, कौन, क्यों और कैसे—इन सभी पहलुओं पर नजर डालें तो बिहार सरकार अप्रैल 2026 से जमीन और फ्लैट की रजिस्ट्री दरों में बड़ा बदलाव करने जा रही है। बिहार सर्किल रेट बढ़ोतरी के तहत जिला मूल्यांकन समितियों की सिफारिशों के आधार पर दरें 3 से 4 गुना तक बढ़ सकती हैं। इसका सीधा असर जमीन खरीदने वालों की जेब पर पड़ेगा और रजिस्ट्री खर्च बढ़ जाएगा।
क्या है सर्किल रेट और क्यों हो रहा बदलाव?
सर्किल रेट (Minimum Value Register - MVR) वह न्यूनतम दर होती है, जिस पर किसी जमीन या संपत्ति की रजिस्ट्री की जाती है।
सरकार ने लंबे समय से इसमें बदलाव नहीं किया था। ग्रामीण क्षेत्रों में आखिरी बार 2013 और शहरी इलाकों में 2016 में दरें तय हुई थीं।
इस दौरान बाजार में जमीन की कीमतें तेजी से बढ़ीं, लेकिन सरकारी दरें पीछे रह गईं। यही अंतर खत्म करने के लिए अब सर्किल रेट में संशोधन किया जा रहा है।
3–4 गुना तक बढ़ सकती हैं दरें
नए प्रस्ताव के अनुसार, कई जिलों में सर्किल रेट 3 से 4 गुना तक बढ़ सकते हैं।
यह वृद्धि जिला मूल्यांकन समितियों की रिपोर्ट पर आधारित है, जिसे मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने सरकार को भेजा है।
अगर यह लागू होता है, तो खासकर शहरी क्षेत्रों में जमीन और फ्लैट खरीदना काफी महंगा हो जाएगा।
आपकी जेब पर क्या होगा असर?
सर्किल रेट बढ़ने का सीधा असर स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क पर पड़ेगा।
क्योंकि ये दोनों शुल्क सर्किल रेट के आधार पर ही तय होते हैं, इसलिए जैसे ही दरें बढ़ेंगी, रजिस्ट्री की लागत भी बढ़ जाएगी।
उदाहरण के तौर पर, जिस जमीन की रजिस्ट्री पहले 5 लाख में होती थी, वह नए रेट के बाद 10–15 लाख के आधार पर हो सकती है।
इससे आम खरीदारों के लिए घर या जमीन खरीदना पहले से ज्यादा महंगा हो जाएगा।
रजिस्ट्री के लिए मची होड़, छुट्टी में भी खुले दफ्तर
बढ़ती कीमतों से बचने के लिए लोगों में अभी से रजिस्ट्री कराने की होड़ मच गई है।
सरकार ने भी इस स्थिति को देखते हुए 29 मार्च (रविवार) और 31 मार्च (महावीर जयंती) को भी निबंधन कार्यालय खुले रखने का फैसला किया है।
इसका मकसद है कि ज्यादा से ज्यादा लोग पुराने सर्किल रेट पर रजिस्ट्री करा सकें।
यदि आप कम खर्च में जमीन खरीदना चाहते हैं, तो यह समय आपके लिए आखिरी मौका हो सकता है।
सरकार को होगा बड़ा फायदा
इस फैसले से राज्य सरकार के राजस्व में बड़ा इजाफा होने की उम्मीद है।
जैसे-जैसे सर्किल रेट बढ़ेगा, वैसे-वैसे स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क से सरकार की आय भी बढ़ेगी।
हालांकि, यह कदम आम लोगों के लिए महंगा साबित हो सकता है, लेकिन सरकार इसे आर्थिक संतुलन और पारदर्शिता के लिए जरूरी बता रही है।
क्या यह फैसला जरूरी था?
विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार दर और सरकारी दर में बड़ा अंतर होने से कई समस्याएं पैदा हो रही थीं।
कम सर्किल रेट के कारण रजिस्ट्री में गड़बड़ी और राजस्व नुकसान की संभावना रहती थी।
इसलिए दरों को बाजार के करीब लाना एक जरूरी कदम माना जा रहा है।
हालांकि, अचानक 3–4 गुना वृद्धि आम लोगों के लिए झटका साबित हो सकती है।
खरीदारों के लिए क्या है सलाह?
अगर आप जमीन या फ्लैट खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो जल्द फैसला लेना समझदारी होगी।
- पुराने रेट पर रजिस्ट्री कराने का मौका सीमित समय के लिए है
- बजट का सही आकलन करें
- सभी दस्तावेज पहले से तैयार रखें
- जल्द से जल्द निबंधन प्रक्रिया पूरी करें
इससे आप बढ़े हुए खर्च से बच सकते हैं।
आगे क्या होगा?
अप्रैल 2026 से नए सर्किल रेट लागू होने की संभावना है।
इसके बाद रियल एस्टेट बाजार में कीमतों का नया संतुलन देखने को मिलेगा।
जहां एक तरफ सरकार का राजस्व बढ़ेगा, वहीं दूसरी तरफ खरीदारों को ज्यादा खर्च करना पड़ेगा।
आने वाले महीनों में इसका असर जमीन और फ्लैट की मांग पर भी पड़ सकता है।
Source: मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग, बिहार
